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हाथ ठेले में ले गए शव , परिजनों के पास कफन दफन के लिए पैसे न होने से नदी में बहाया

हाथ ठेले में ले गए शव , परिजनों के पास कफन दफन के लिए पैसे न होने से नदी में बहाया

डिजिटल डेस्क  सीधी। यहां जिला अस्पताल में एक आदिवासी महिला के शव को शव वाहन तक नसीब नही हुआ , इतना ही नहीं मृतक के परिजानों के पास कफन दफन के लिए पैसा न होने के कारण ये मजबूर परिवार हाँथ ठेले में शव ले गया और शहर से 12 किलोमीटर दूर उसे सोन नदी में बहा दिया ।  इस संबंध में बताया गया है कि आदिवासी महिला की मौत के बाद जब शव वाहन नहीं मिला और दाह संस्कार की व्यवस्था नहीं हो पाई तो शव को ठेले में रखकर 12 किमी दूर ले जाकर सोन नदी में बहा दिया गया । 
बताया गया है कि शहर के कोटहा मोहल्ला निवासी  रामाअवतार कोल की बहन 19 वर्षीय राधा कोल की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। किंतु शव को घर तक ले जाने के लिए जिला चिकित्सालय या नगर पालिका प्रशासन द्वारा शव वाहन नही उपलब्ध कराया गया। इतना ही नहीं शव को कंधा देने के लिए चार लोग भी एकत्रित नहीं हो पाए, इसलिए मृतक के भाई के द्वारा तीन पहिया ठेले का जुगाड़ कर शव को घर ले जाने के वजाय करीब 12 किलोमीटर की दूरी तय कर सोन नदी ले गया। शव को नदी में बहा दिया गया। शहर के कोटहा मोहल्ला निवासी मृतक के भाई रामाअवतार कोल ने बताया कि मेरी बहन राधा कोल का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान रविवार को मौत हो गई, शव ले जाने के लिए वाहन की मांग की गई किंतु कोई सुनने को तैयार नहीं था, जिसके कारण ठेला लाकर शव को घर ले जाने की जगह सीधे सोन नदी पहुंचा दिया गया। किंतु इस परिवार के पास मृतिका के लिए कफन खरीदने तक के रुपए नहीं थे, जिससे शव को एक कंबल में ढंककर सोन नदी ले गए, वहीं दाह संस्कार करने के लिए भी बजट न होने से शव को सोन नदी में बहाया गया। बताया गया है कि दूसरे दिन हो-हल्ला होने पर नगर पालिका द्वारा मृतक के परिजनों को पांच हजार की सहायता उपलब्ध करायी गई। 
 

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