दैनिक भास्कर हिंदी: राज्यपाल को इस्तीफा देने के बाद बोले येदियुरप्पा- मैंने दिल्ली के दवाब में इस्तीफा नहीं दिया, न ही पार्टी से मुझे कोई पद चाहिए

July 26th, 2021

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरू। कर्नाटक का सियासी सस्पेंस खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री बी. एस.येदियुरप्पा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया है। कर्नाटक की राजनीति में येदियुरप्पा ने चार बार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री कभी भी पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया है। येदियुरप्पा ने इस्तीफा देने के साथ ही साफ कर दिया है कि उन पर दिल्ली (केन्द्र) से किसी भी तरह का दवाब नहीं था, बल्कि अपनी मर्जी से उन्होंने ये कदम उठाया है।

राजभवन के अपने दौरे के बाद बोलते हुए, नए मुख्यमंत्री के पद संभालने तक अंतरिम मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे येदियुरप्पा ने कहा कि उन्होंने राज्य में एक नए सीएम के लिए रास्ता बनाने के लिए स्वेच्छा से पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी संगठन की सेवा करने वाली राजनीति में बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में पार्टी से कोई पद नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा, मेरे बेकार बैठने या राजनीति से बाहर जाने का कोई सवाल ही नहीं है। मैं हर बार पार्टी को सत्ता में वापस लाने का प्रयास करूंगा।

उन्होंने कहा, मैं एक बार फिर यह कहना चाहता हूं कि दिल्ली से कोई दबाव नहीं था। मैंने केवल पद पर दो साल पूरे होने के अवसर पर इस्तीफा देने का फैसला किया है। येदियुरप्पा ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह ने मुझे कोई फैसला लेने के लिए मजबूर नहीं किया। मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूं, ताकि पार्टी राज्य में एक नया चेहरा मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित कर सके।

भाजपा आलाकमान कर्नाटक के नेतृत्व को बदलने की प्रक्रिया को लेकर कुछ चिंतित जरूर था, लेकिन पूर्व सीएम येदियुरप्पा के स्वेच्छा से इस्तीफा देने के बयान के बाद आलाकमान ने राहत की सांस ली होगी। येदियुरप्पा की इस स्पष्ट घोषणा ने आखिरकार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में उनके बने रहने को लेकर एक सप्ताह के सस्पेंस से पर्दा हटा दिया है।

येदियुरप्पा सबसे पहले 12 नवंबर साल 2007 में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने, लेकिन महज सात दिन बाद 19 नवंबर 2007 को ही उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद 30 मई 2008 को दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते इस बार 4 अगस्त 2011 को इस्तीफा दिया। तीसरी बार 17 मई 2018 को मुख्यमंत्री बने और फिर महज छह दिन बाद 23 मई 2018 को इस्तीफा हो गया। चौथी बार 26 जुलाई 2019 को मंख्यमंत्री बने और ठीक दो साल बाद इस्तीफा दे दिया।