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भारतीय मजदूरों को काम पर न लेने का मामला - केन्द्रीय इस्पात मंत्री ने जताई नाराजगी -चीनी कंपनी को भी नोटिस

भारतीय मजदूरों को काम पर न लेने का मामला - केन्द्रीय इस्पात मंत्री ने जताई नाराजगी -चीनी कंपनी को भी नोटिस

डिजिटल डेस्क बालाघाट । मेग्रीज ओर इंडिया लिमिटेड़ की गुमगांव और बालाघाट खान में कार्यरत चीनी कंपनी चाईना कोल 3 के द्वारा भारतीय श्रमिकों को काम पर वापस नही लिये जाने को लेकर केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार फग्गन सिंह कुलस्ते ने नाराजगी जताई है। भास्कर से इस संबंध में चर्चा में उन्होने बताया की इन श्रमिकों को तत्काल काम में वापस लिये जाने के संबंध में वे निर्देश जारी करेंगे। उन्होने भास्कर से हुई विशेष चर्चा में कहा की इस मामले में वे मॉयल के सी.एम.डी. से चर्चा करेगे। साथ ही संबंधित कंपनी को भी नोटिस जारी किया जायेगा। 
विदित हो की मैग्रीज ओर इंडिया लिमिटेड की बालाघाट खान में चीनी स्वामित्व वाली उक्त कंपनी द्वारा 250 करोड़ की लागत से अंडरग्राऊंड शाफ्ट के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिसमें 60 से अधिक भारतीय श्रमिक मार्च 2019 से कार्यरत थे। लेकिन इन श्रमिको को कोविड़ के दौरान किये गये लॉक डाउन के बाद जब कंपनी ने सप्ताह भर पहले काम शुरू किय तो दोबारा काम पर नही लिया। जिसके बाद से ही श्रमिक पूून: काम पर लिये जाने की मांग कर रहे थे। उधर मॉयल प्रबंधन से चर्चा के बाद भी चीनी कंपनी चाईना कोल 3 ने इन श्रमिकों को काम पर बहाल करने से इंकार कर दिया था। जिसको लेकर आज मामला केन्द्रीय इस्पात मंत्री के संज्ञान में आने के बाद उन्होने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
मॉयल मुख्यालय ने स्थानिय प्रबंधन से तलब की विस्तृत रिपोर्ट
उधर इस मामले में मॉयल मुख्यालय ने भी अपने स्थानिय प्रबंधन से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इस संबंध में मॉयल के डी.जी.एम. व्ही. के. परिधा ने बताया की उनके द्वारा इस मामले में जिला प्रशासन को लिखित जानकारी सौपी गयी है। साथ ही मॉयल के मुख्यालय को भी विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है। उन्होने बताया की श्रमिको को तत्कालिक राहत देने के लिये कलेक्टर दरो पर दूसरी कंपनी में काम करने हेतु प्रबंध किया गया था। लेकिन श्रमिक पून: चाईना कोल 3 में ही काम दिलाने की मांग पर अडे है। उनका प्रबंधन कोरोना संक्रमण के कारण श्रमिको को काम पर बहाल करने तैयार नही है। जिसको लेकर विस्तृत रिपोर्ट मॉयल मुख्यालय को भेजी जा रही है। जहां इस प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही हेतु निर्णय लिया जायेगा।
इनका कहना है...
 
श्रमिको को तत्काल काम पर बहाल करने के निर्देश जारी किये जाऐंगे। साथ ही श्रमिको को काम पर नही रखने को लेकर मॉयल के सी.एम.डी. से जवाब मांगा जाएंग। साथ ही साथ मंत्रालय के माध्यम से संबंधित कंपनी को भी नोटिस जारी किया जा रहा है।
फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।