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पटवारी की जादूगरी: यूकेलिप्टस को बना दिया गेहूं! नहीं हो पा रही गेहूं खरीदी, किसान परेशान

पटवारी की जादूगरी: यूकेलिप्टस को बना दिया गेहूं! नहीं हो पा रही गेहूं खरीदी, किसान परेशान

डिजिटल डेस्क, कटनी। पटवारी द्वारा की गई लापरवाही का एक मामला मप्र के कटनी जिले का प्रकाश में आया है। जहां पर पटवारी ने घर बैठे फसलों का सत्यापन कर दिया। हैरानी की बात यह है कि पटवारी ने यूकेलिप्टस को गेहूं की फसल बना दिया है। इसका खुलासा कलेक्टर द्वारा की गई क्रॉस चेकिंग के दौरान हुआ है।

परेशान हो रहे किसान-
जिले के पटवारी जादूगर के साथ-साथ कृषि वैज्ञानिक भी बन गए हैं। यह बात जरुर आम लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रही हो, लेकिन जिस तरह से रबी फसलों की बोवाई का सत्यापन घर बैठे अमले ने किया है। कलेक्टर के क्रास चेकिंग में कई तरह की गड़बड़ी उजागर हो रही है। कलेक्टर ने जब नियमों से बांधा तब कई खरीदी प्रबंधक अब ड्यूटी से बचने की जुगाड़ में बहाना बनाते हुए कार्यालयों में मिन्नतें मांगने के लिए पहुंच रहे हैं। जिसके चलते 56 में से एक माह बीतने के बाद 36 खरीदी केन्द्रों में ही गेंहू की खरीदी हुई है। दस केन्द्र अभी भी सूने पड़े हुए हैं। 32 हजार किसानों में से 600 किसान ही केन्द्रों में पहुंचे हैं। एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में दोबारा रकबे का सत्यापन कराया जा रहा है।

लखापतेरी में आई गड़बड़ी-
गेंहू खरीदी में सबसे पहले रकबे के सत्यापन में गड़बड़ी लखापतेरी केन्द्र में कलेक्टर ने पकड़ी। गड़बड़ी सामने आने पर पटवारी को निलंबित करने के साथ ऑपरेटर को कारण बताओ पत्र भी जारी किया गया है। खरीदी के साथ भौतिक सत्यापन के क्रॉस चेकिंग में भी राजस्व विभाग का अमला लगा हुआ है। जिले के 22 ऐसे केन्द्र जहां पर धान खरीदी के समय कई तरह की शिकायत सामने आई हुई थी। इन पर प्रशासन की विशेष नजर है।

एफआईआर कराने पहुंचे थाने-
बाकल में भी पांच दिन पहले कलेक्टर ने खरीदी में कई तरह की गड़बड़ी पकड़ी। कलेक्टर ने खरीदी केन्द्र प्रभारी रफीक खान और ऑपरेटर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश  दिए थे। कलेक्टर की सख्ती के बाद विभाग के अधिकारी थाने पहुंचे, और इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई। इसके साथ अन्य केन्द्रों में भी कमियां पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों को पहुंचेगा लाभ-
प्रशासन की सख्ती के बाद इसका लाभ वास्तविक किसानों को सीधे तौर पर पहुंचेगा। धान खरीदी के समय बिचौलिए और व्यापारियों से अमानक धान खरीदी की शिकायत भी हुई थी। जिस पर विभाग आंख बंद किए रहे। जिसके चलते खरीदी केन्द्र प्रभारी मनमानी करते रहे। इसका नुकसान उन किसानों को उठाना पड़ा था। जो वास्तव में खेतों में दिन-रात मेहनत करते हुए अपनी उपज लेकर केन्द्रों तक पहुंचे हुए थे।

इनका कहना है-
क्रास चेकिंग का काम राजस्व अमले द्वारा किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने पर उनकी जानकारी संबंधित केन्द्रों को दी जाएगी। खरीदी का काम तेजी से किया जा रहा है।
- रविकांत ठाकुर, सहा.खाद्य आपूर्ति अधिकारी

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