दैनिक भास्कर हिंदी: बाढ़ और कोरोना संकट के कारण CM उद्धव नहीं मनाएंगे Birth Day, बोले - बाढ़ प्रबंधन के लिए योजना बनाएगी सरकार

July 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में बाढ़ के प्रकोप और कोरोना संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे 27 जुलाई को अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय ने यह जानकारी दी। रविवार को मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि बाढ़ की आपदा से महाराष्ट्र शोकाकुल है। कोई मेरा जन्मदिन न मनाएं। उन्होंने कहा कि कोंकण और पश्चिम महाराष्ट्र पर प्रकृति रुठी है। बाढ़ के कारण कई लोगों की मौत हुई है। अनेक परिवारों का नुकसान हुआ है। इस आपदा में महाराष्ट्र शोकाकुल है। ऐसी स्थिति में मैंने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई मेरा जन्मदिन न मनाएं। जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं देने के लिए कोई प्रत्यक्ष मुलाकात के लिए न आए। जन्मदिन के अवसर पर होर्डिंग और पोस्टर न लगाए जाएं। सोशल मीडिया और ईमेल के माध्यम से शुभकामनाएं स्वीकार करूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और कोरोना परिस्थिति में एक-दूसरे की मदद की जरूरत है। इसलिए जन्मदिन पर लोग मुख्यमंत्री सहायता निधि में योगदान देकर अपनी सामाजिक दायित्व का कर्तव्य निभाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी कोरोना का संकट कायम है। चिकित्सा विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की संभावना जताई है। इसलिए स्वास्थ्य नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। इसलिए मेरे जन्मदिन पर कोई सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित न किया जाए। 

बाढ़ प्रबंधन के लिए योजना बनाएगी सरकार, हर जिले में एनडीआरएफ के तर्ज पर तैनात होगी टीम 

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार प्रदेश में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के प्रबंधन के लिए एक योजना तैयार करेगी। इसके तहत प्रदेश के हर जिले में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के तर्ज पर एक टीम तैनात की जाएगी। यह टीम प्रदेश सरकार के राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अतिरिक्त होगी। रविवार को मुख्यमंत्री ने कोंकण अंचल के बाढ़ प्रभावित रत्नागिरी के चिपलून तहसील का दौरा किया। इस दौरे में स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री का काफिला रोका। नागरिकों ने बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दी। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदों का सामना बार-बार करना पड़ रहा है। आपदा प्रभावितों की मदद के लिए एनडीआरएफ की टीमें पहुंचने तक देरी हो जाती है। राज्य में आपदा प्रभावितों को तत्काल मदद के लिए एसडीआरएफ की टीमें हैं लेकिन इसमें मजबूती के लिए अब एनडीआरएफ की तरह हर जिले में आपदा प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं केवल लोकप्रियता के लिए आपदा प्रभावितों को मदद राशि की घोषणा नहीं करूंगा। कोंकण समेत पश्चिम महाराष्ट्र के जिलों की समीक्षा के बाद आपदा प्रभावितों को आर्थिक मदद की घोषणा की जाएगी। लेकिन आपदा प्रभावित जिलों में नागरिकों को तत्काल मदद के रूप में अनाज, चिकित्सा सुविधा और दवाइयों की आपूर्ति की जा रही है। राज्य की महानगर पालिकाओं से स्वच्छता टीम, डॉक्टर और पशु चिकित्सकों को भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दीर्घकालिक राहत के लिए केंद्र सरकार से सहायता की आवश्यकता होगी। मैं केंद्र सरकार से तत्काल कुछ हजार करोड़ रुपए की मांग नहीं करूंगा। नुकसान का आंकड़ा आने के बाद वास्तविक स्थिति पर आधारित मदद केंद्र सरकार से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों की मदद के लिए सेना के तीनों दलों की टीमें उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूस्खलन और बाढ़ से रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के कुछ हिस्से में नुकसान हुआ है। कोल्हापुर, सांगली, सातारा और सोलापुर में जलमाव की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ के कारण किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। सड़कों का नुकसान हुआ है। इसके लिए भी सरकार की ओर से मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे सोमवार को पश्चिम महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। 

महिला ने मुख्यमंत्री से कहा साहब, हमें मदद के बिना न जाएं

मुख्यमंत्री रविवार को दोपहर एक बजे चिपलून के मुख्य बाजार में पहुंचे। मुख्यमंत्री के सामने एक महिला ने रोते-रोते अपनी व्यथा सुना रही थी। महिला ने कहा कि मेरे घर के छत तक पानी आया था जो भी था सब कुछ चला गया। आप ही हमें मदद कर सकते हैं। साहब, आप मदद किए बिना न जाए। इस मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़ते हुए महिला को मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने गांधी चौक में व्यापारियों और दुकानदारों से मुलाकात की। इस दौरान नुकसान की जानकारी देते हुए दुकानदारों की आंखे भर आई। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों को मदद का भरोसा दिया। 

खबरें और भी हैं...