दैनिक भास्कर हिंदी: सरकारी मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों में कोरोना की जांच-इलाज मुफ्त

April 26th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर सरकारी मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज में कोरोना जांच व इलाज मुफ्त किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने यह जानकारी दी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोनो को महामारी घोषित किया है।राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। इसलिए मेडिकल शिक्षा विभाग के तहत आने वाले अस्पतालों, मेडिकल कॉलजो व डेंटल कॉलेजों में कोरोना संबंधी जांच और इलाज मुफ्त किया जाएगा।

शहरी क्षेत्र के निजी अस्पतालों में न हो कोरोना का उपचार

उधर नागपुर मनपा आयुक्त ने शुक्रवार को शहर के 12 निजी अस्पतालों को कोरोना उपचार के लिए तैयार रहने का आदेश पारित किया है। इसके तहत अस्पतालों में मैन पावर, चिकित्सीय सामग्री समेत आधारभूत सुविधाएं पूरी करने के लिए कहा गया है। विदर्भ हॉस्पीटल एसोसिएशन ने आयुक्त से शहरी क्षेत्र में स्थित अस्पतालों को कोरोना उपचार के लिए उपयोग में नहीं लाए जाने की अपील की है। एसोसिएशन ने बताया कि अस्पताल के आसपास रहने वाले लोगों ने भी यह अपील की है। मनपा की ओर से चयनित कई अस्पताल घनी आबादी वाले इलाके में हैं। एसोसिएशन के अनुसार पहले ही आर्थिक संकट झेल रहे अस्पतालों के लिए यह जिम्मेदारी भारी साबित हो सकती है। इसके साथ ही अस्पतालों को काेविड उपचार अस्पताल घोषित करने से पहले पीपीई किट, टेस्टिंग किट समेत आवश्यक सुविधाएं अपलब्ध कराने की भी अपील विदर्भ हॉस्पिटल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अशोक अरबट, सचिव डॉ. आलोक उमरे, समन्वयक डॉ. अनुप मरार और डॉ. समीर पालटेवार ने किया है।

पहले उपलब्ध कराई जाएं सुविधाएं

एसोसिएशन ने सूची में शामिल अस्पतालों कोविड 19 का उपचार शुरू करने से पहले इन अस्पतालों में काेविड उपचार के लिए जरूरी पीपीई किट, टेस्टिंग किट समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं अपलब्ध कराने की मांग की है।

डॉ. अशोक अरबट, अध्यक्ष, विदर्भ हॉस्पिटल एसोसिएशन के मुताबिक अगर शहर के प्रमुख अस्पतालों में कोविड के मरीजों का उपचार होगा, तो किसी आपातकाल में अन्य मरीज कहां जाएंगे। इसके साथ ही अस्पतालों का अपने मरीजों के उपचार संबंधित कानूनी बाध्यता भी होती है।

 

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