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सतना में कोरोना - 60 दिन का वर्किंग प्लान , 2 माह में सामने आ सकते हैं कोरोना के 1100 मामले!

सतना में कोरोना - 60 दिन का वर्किंग प्लान , 2 माह में सामने आ सकते हैं कोरोना के 1100 मामले!

डिजिटल डेस्क सतना। कोरोना वायरस के संक्रमण की मौजूदा रफ्तार के मद्देनजर तकरीबन 23 लाख की आबादी वाले सतना जिले में आने वाले 2 माह के दौरान संक्रमण के तकरीबन 1100 केस सामने आ सकते हैं? सूत्रों के मुताबिक आबादी के मान से शासन स्तर पर भांपे गए इस पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यहां एहतियाती कदम उठाने शुरु कर दिए हैं। कलेक्टर अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित प्रशासनिक अफसरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक साझा बैठक में आने वाले 60 दिनों की कार्ययोजना पर विचार किया गया। बैठक में बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋजु बाफना, नगर निगम के कमिश्नर अमनवीर ङ्क्षसह, सीएमएचओ  डा.एके अवधिया, सभी एसडीएम और बीएमओ उपस्थित रहे।
 उतैली के कोविड केयर सेंटर में 500 बेड का इंतजाम 
 बैठक में कलेक्टर श्री कटेसरिया ने पीडि़तों के बेहतर उपचार और सतत स्वास्थ्य निगरानी के लिए उतैली की पीएम आवास कालोनी के कोविड-19 केयर सेंटर में 500 बिस्तरों का प्रबंध किए जाने के निर्देश दिए। इस केयर सेंटर में रामनगर और मैहर क्षेत्र को छोड़कर जिले के अन्य तहसील क्षेत्रों के माइल्ड और मॉडरेड प्रकार के पीडि़तों को रखा जाएगा। जबकि सीवियर टाइप के पेशेंट को जिला अस्पताल में रखे जाने की रणनीति पर चर्चा हुई। इसके लिए यहां के एक्सीलेंस हास्पिटल में 100 बेड आरक्षित किए जाएंगे। जबकि रामनगर और मैहर क्षेत्र के माइल्ड और मॉडरेड प्रकार के पेशेंट को वहीं उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
 जिले की सीमा पर स्क्रीनिंग के निर्देश 
बैठक में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने जिले या प्रदेश के बाहर से आने वालों की स्क्रीनिंग हर हाल में जिले की सीमा पर ही अनिवार्य रुप से कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरुरत पडऩे पर संदेहियों की थ्रोट स्वॉब की सेंपलिंग भी सरहद पर की कराई जानी चाहिए।
 क्वारेंटीन के 2 विकल्प 
बैठक में कलेक्टन ने कहा कि तहसील,जनपद और पंचायत स्तर पर बाहर से आने वालों को क्वारेंटीन करने के सभी प्रबंध सुनिश्चित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्लाकस्तर पर उपचार की व्यवस्था में भी कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आगंतुकों के पास संस्थागत क्वारेंटीन के अलावा होम क्वारेंटीन का भी विकल्प रहेगा।  पंचायत स्तर पर भोजन पानी समेत सभी प्रबंध संबंधित पंचायतें करेंगी।  कलेक्टर ने बिजली विहीन स्कूलों में अस्थाई कनेक्शन के लिए टीपी लेने के निर्देश देते हुए एहतियात के तौर पर सतर्क रहने और पीपीई किट से लैस रहने की भी सलाह दी। बैठक के बाद जिले के सभी बीएमओ को उतैली स्थित कोविड सेंटर का भ्रमण कराते हुए उन्हें प्रबंधों से अवगत कराते हुए ट्रेंड भी किया गया।  
 

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