3 दिन पहले खराब हुआ था स्वास्थ्य: सतना में 73 दिन बाद कोरोना की वापसी, सीडीपीओ पॉजिटिव

June 11th, 2022


डिजिटल डेस्क सतना। देश भर में जहां कोरोना के नए केस फिर बढऩे लगे हैं वहीं जिले में 73 दिन बाद एक बार फिर कोरोना वायरस के संक्रमण ने दस्तक दे दी है। महिला बाल विकास विभाग नागौद क्रमांक-2 की परियोजना अधिकारी नम्रता शुक्ला में संक्रमण की पुष्टि हुई है। तबीयत बिगडऩे पर सीडीपीओ ने 11 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नागौद में रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया, रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसे कन्फर्म नहीं मान रहा है। सीडीपीओ का थ्रोट स्वाब सेंपल आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए मेडिकल कॉलेज रीवा भेजा गया है। परियोजना अधिकारी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) भी नियुक्त की गई हैं। 30 मई से वह लगातार निर्वाचन संबंधी कार्य कर रहीं थीं। 30 मई से 6 जून तक उनकी ड्यूटी पंच-सरपंचों के नामांकन फॉर्म जमा कराने में लगी थी। 7 जून को नामांकन फार्मों की जांच, 8 को पुनरीक्षण और 10 जून को नामांकन वापसी और चुनाव चिन्ह वितरण में भी उनकी ड्यूटी थी।
3 दिन पहले बिगड़ी तबीयत
परियोजना अधिकारी को 8 जून को सर्दी-जुकाम की शिकायत हुई। 9 जून को उन्होंने इलाज कराया। 10 जून को जब स्वाद मिलना और खुशबू आना बंद हो गई तो नागौद सीएचसी पहुंचकर सीडीपीओ ने रैपिड टेस्ट कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें होम आईसोलेट कर दिया गया है। पिछले 4,5 दिनों में कार्य के दौरान सीडीपीओ के साथ कितने अधिकारी-कर्मचारी संपर्क में आए, स्वास्थ्य विभाग कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में जुट गया है। सीडीपीओ से भी संपर्कियों की सूची भी मांगी गई है। परियोजना अधिकारी को कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लगे थे।
15 अप्रैल को डिस्चार्ज हुआ था आखिरी मरीज
कोरोना वायरस के संक्रमण की तीसरी लहर की बात करें तो लगभग 1906 लोग कोविड की चपेट में आए थे। 29 मार्च को आखिरी संक्रमित सामने आया था। सभी मरीजों के डिस्चार्ज के साथ 14 अप्रैल से जिला कोरोना मुक्त हो गया था। ढाई महीने बाद एक बार फिर नया मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सख्ते में आ गया है।
13 हजार से अधिक लोग संक्रमित, 134 मौत भी हुईं
जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण के तीनों लहरों के आंकड़ों को देखा जाए तो कुल 13 हजार 871 लोग कोरोना की चपेट में आए। सरकारी रिकार्ड में 134 मौत भी दर्ज हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण की दूसरी लहर सबसे खतरनाक रही। वर्ष 2021 में 15 मार्च से 2 जुलाई के बीच जब कोरोना की दूसरी लहर पीक में थी तब एक दिन में 400 से अधिक नए संक्रमित सामने आते थे। एक दिन में 7,8 मरीजों की मौत भी हो जाती थी। इसके मुकाबले तीसरी लहर में लोगों पर कोरोना का खौफ कम देखने को मिला था।
फैक्ट फाइल
कुल संक्रमित 13871
कुल डिस्चार्ज 13737
कुल जांच 434435
कुल मौत 134
पहली लहर 3553
दूसरी लहर 8412
तीसरी लहर 1906