क्राइम : बाघों के अंगों की तस्करी करने वाले 29 गिरफ्तार, 1 करोड़ से अधिक का गांजा पकड़ा

September 12th, 2021

डिजिटल डेस्क, नागपुर। अंतरराज्यीय स्तर पर गांजे की तस्करी हो रही थी। शनिवार को ग्रामीण पुलिस के अपराध शाखा की टीम ने बुटीबोरी में छापा मार कार्रवाई करते हुए मामले में लिप्त 2 आरोपियों को धर-दबोचा। आरोपियों से 1 करोड़ से भी ज्यादा मूल्य का गांजा जब्त किया गया है। समाचार लिखे जाने तक प्रकरण दर्ज होना बाकी था। स्थानीय ग्रामीण पुलिस के अपराध शाखा की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रक के जरिए गांजे की तस्करी होने वाली है। पुलिस ने बुटीबोरी के समीप जाल बिछाया। बरामद नंबर का ट्रक दिखते ही उसे घेर लिया गया। तलाशी के दौरान ट्रक में 1 करोड़ से भी ज्यादा मूल्य का गांजा बरामद किया गया।  गांजे के खेप आंध्रप्रदेश से चंडीगढ़ पहुंचाने की जानकारी मिली है।  कार्रवाई के दौरान दो लोगों को पकड़ा गया है, लेकिन इसके पीछे कौन-कौन हैं, इस बात का खुलासा समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सका था। आरोपियों से पूछताछ जारी है।

गांजा तस्करी में पुलिस हवलदार चढ़ा हत्थे

शहर पुलिस दल का एक हवलदार ओडिशा पुलिस के हाथ लगा। वह गांजा तस्करी में लिप्त पाया गया है। पत्नी और अन्य दो लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।  हवलदार रोशन उगले वाठोड़ा थाने में कार्यरत है। गत महीने से वह मेडिकल लिव पर है। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के ओडिशा में बरगड, सोनापुर स्थित बारापाली रेलवे स्टेशन के गेट पर पुलिस के हाथ लगा। तलाशी के दौरान उससे 21 से 22 किलो गांजा मिला है। वह इनोवा कार से नागपुर से ओडिशा पहुंचा था। कार में उसकी पत्नी तथा अन्य दो व्यक्ति भी सवार थे। बताया जा रहा है कि रोशन खाकी की आड़ में लंबे समय से गांजा तस्करी में लिप्त है। खाकी की ही आड़ में वह अपने साथियों को भी बचाते आ रहा था। कार्रवाई के बाद ओडिशा पुलिस ने शुक्रवार की रात नागपुर पुलिस को इसकी सूचना दी। महकमे में खबर फैलते ही हड़कंप मचा रहा। इस बीच वाठोड़ा थाने में प्रकरण की एंट्री की गई है। 

बाघों के अंगों की तस्करी करने वाले 29 गिरफ्तार

प्रतिवर्ष बाघों के अंग तस्करी करने वालों की संख्या बहुत मामूली रहती है, लेकिन इस साल केवल 2 महीने में वन के प्रादेशिक विभाग की ओर से आधा दर्जन से ज्यादा कार्रवाई की है। जिसमें बाघों के नाखुन, मूंछ, दांत के अलावा बाघों की करीब 10 किलो हडि्डयां जब्त करते हुए 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। लगातार चल रही इन कार्रवाई में और भी आरोपी गिरफ्तार हो सकते हैं। लगातार मिलते आरोपी व बाघों के अंग से वन्यजीव खतरे में दिख रहे हैं। बाघों के संरक्षण के लिए वन विभाग की ओर से विभिन्न मुहिम चलाई जाती हैं। लेकिन लगातार बढ़ते बाघों की संख्या के कारण इनका अवैध शिकार होने से नहीं रोका जा रहा है। हाल ही में ऐसे कई मामले उजागर हुए हैं। जिसमें बाघों को महज उनके अंग बेचने के लिए मारे गए हैं। अंधश्रद्धा के कई बाघ बली भी चढ़ चुके हैं। 29 जुलाई को व्याघ्र दिवस की शुरुआत हुई थी। इसी दिन से वन विभाग ने बाघों के अंग की तस्करी करने वालों को पकड़ना शुरू किया है। लगभग आधा दर्जन से ज्यादा कार्रवाई हुई है। जिसमें अभी तक 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में से कइयों ने बाघों के अंग किसी अन्य लोगों से खरीदे हैं। लेकिन कई आरोपियों ने खुद ही बाघों को मारकर इनके अंग हासिल किए हैं। बाघों के संरक्षण के लिए वन विभाग की ओर से विभिन्न मुहिम चलाई जाती हैं। लेकिन लगातार बढ़ते बाघों की संख्या के कारण इनका अवैध शिकार होने से नहीं रोका जा रहा है। हाल ही में ऐसे कई मामले उजागर हुए हैं। जिसमें बाघों को महज उनके अंग बेचने के लिए मारे गए हैं। अंधश्रद्धा के कई बाघ बली भी चढ़ चुके हैं। 29 जुलाई को व्याघ्र दिवस की शुरुआत हुई थी। इसी दिन से वन विभाग ने बाघों के अंग की तस्करी करने वालों को पकड़ना शुरू किया है। लगभग आधा दर्जन से ज्यादा कार्रवाई हुई है। जिसमें अभी तक 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में से कइयों ने बाघों के अंग किसी अन्य लोगों से खरीदे हैं। लेकिन कई आरोपियों ने खुद ही बाघों को मारकर इनके अंग हासिल किए हैं। 

 

 


 

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