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थाना परिसर में खुद को गोली मारने वाले आरोपी की मौत -मामले की न्यायिक जाँच शुरू

थाना परिसर में खुद को गोली मारने वाले आरोपी की मौत -मामले की न्यायिक जाँच शुरू

डिजिटल डेस्क जबलपुर । हनुमानताल थाना क्षेत्र के फरार इनामी बदमाश शुभम बागरी को साइबर टीम द्वारा पकड़े जाने के बाद आरोपी ने  खुद की कनपटी में गोली मार ली थी। इलाज के दौरान देर रात सिटी अस्पताल में उसकी मौत हो गयी। आरोपी की मौत के बाद परिजनों ने आक्रोश जताया था और अंतिम संस्कार के दौरान प्रदर्शन की आशंका के चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।  वहीं इस मामले की न्यायिक जाँच शुरू होने की जानकारी लगने पर लोगों का गुस्सा शांत हो गया।
ज्ञात हो कि खेरमाई क्षेत्र में रहने वाले शुभम बागरी को छेडख़ानी व पास्को एक्ट के मामले में गिरफ्तार करने के लिए एसपी द्वारा 3 हजार का इनाम घोषित किया गया था। उक्त आरोपी के विजय नगर क्षेत्र में होने की जानकारी लगने पर आईजी की साइबर टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा सिविल लाइन क्षेत्र में हथियार छिपाकर रखना बताए जाने पर पुलिस उसे सिविल लाइन थाने लेकर पहुँची थी जहाँ उसने अपनी कनपटी में गोली मार ली थी और देर रात उसकी मौत हो गयी।
परिजनों ने लगाए आरोप
इस मामले में मृतक की बहन सोनम व भाई सत्येंद्र ने घटना को संदेहास्पद बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना था कि गिरफ्तारी के वक्त शुभम की तलाशी लेते हुए उसकी बाइक, चाबी व मोबाइल जब्त किया गया था। अगर उसके पास पिस्टल थी  तो उसे क्यों नहीं जब्त किया। वहीं उनका आरोप था कि शुभम को पकडऩे वाली टीम के एक सदस्य के पास रिवाल्वर थी उसी से गोली चली है। वहीं गोली शुभम ने खुद मारी है या उसे चमकाने में यह घटना हुई है इन बिंदुओं की जाँच कराई जानी चाहिए। परिजनों के आक्रोशित होने पर पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया मृतक के घर पहुँचे और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया उसके बाद शांतिपूर्ण माहौल में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।  
घटना की न्यायिक जाँच शुरू
इस घटना की न्यायिक जाँच के आदेश जारी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश हरीश वानवंशी ने जाँच शुरू की। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और परिजनों के बयान दर्ज किए। वहीं उनकी निगरानी में ही मृतक का पीएम कराया गया एवं उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत की है। मामले में निलंबित किए गये साइबर टीम के सदस्यों के भी बयान दर्ज किए जाएँगे।
कान को चीरती हुई गई गोली 7 मृतक शुभम को जो गोली लगी वह उसके कान की ओर से घुसी और दूसरे तरफ कनपटी में छेद करते हुए साइबर टीम के वाहन में लगी थी। वहीं गोली चलने के दौरान थाने में हो रही गणना के बाद सनसनी फैल गयी थी। घटना के दौरान मौजूद अन्य कर्मियों के भी बयान दर्ज किए जा सकते हैं।
इनका कहना है
आरोपी की मौत होने पर मर्ग कायम किया गया है। उक्त मामले में न्यायिक जाँच शुरू की गयी है और जाँच में जो निष्कर्ष सामने आएगा उस आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
-सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।