दैनिक भास्कर हिंदी: डॉक्टर 35 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार,  एकाउंटेट भी था हिस्सेदार

August 9th, 2019

डिजिटल डेस्क, मंडला। मंडला जिला अस्पताल पदस्थ दंत रोग विशेषज्ञ और रोगी कल्याण समिति के सदस्य डॉ अशोक शर्मा को एंटी टरमाइटपेस्ट कंट्रोल एवं केमिकल पेस्ट कंट्रोल का बिल निकलवाने के मामले में रूपये 35 हजार की रिश्वत लेते हुये लोकायुक्त जबलपुर ने रंगे हाथों पकड़ा है। डॉ अशोक शर्मा और एकाउंटेट रमेश कछवाहा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

बिल राशि के 5 प्रतिशत रिश्वत की मांग की जा रही थी

डीएसपी लोकायुक्त जबलपुर जेपी ने वर्मा ने बताया है कि शत्रुघन जायसवाल पिता  मणिराज जयसवाल 35 साल निवासी कपिल शर्मा का मकान यादव कॉलोनी जबलपुर ने मंडला जिला अस्पताल में एंटी टरमाइट  पेस्ट कंट्रोल एवं केमिकल पेस्ट कंट्रोल ठेका लिया था। ठेकेदार का 4 लाख 90 हजार का बिल स्वीकृत करने के एवज में एकाउंटेट रमेश कछवाहा और डॉक्टर अशोक शर्मा के द्वारा राशि के 5 प्रतिशत रिश्वत की मांग की जा रही थी। कई महीनों से बिल स्वीकृत नहीं किया जा रहा था। परेशान होकर जिसकी शिकायत आवेदक ने 30 जुलाई 2019 को लोकायुक्त जबलपुर की है। 

अपनी प्राइवेट क्लीनिक में ले रहा था रिश्वत

ठेकेदार शत्रुघन जायसवाल के द्वारा एकाउंटेट रमेश कछवाहा को रिश्वत देना तय हुआ। एकाउंटेट के बताये अनुसार ठेकेदार डॉक्टर अशोक शर्मा का प्राइवेट क्लीनिक डेंटल केयर क्लीनिक जिला अस्पताल के सामने रिश्वत देने के लिए पहुंचा। ठेकेदार ने जैसे ही 25 हजार, 15 हजार नगद और 10 हजार का चेक डॉक्टर अशोक शर्मा को दिया। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ लिया है। लोकायुक्त जबलपुर ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13 (1) (डी) के तहत कार्रवाई की है। कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक जे पी वर्मा, निरीक्षक कमल सिंह उईके ,आरक्षक दिनेश दुबेए सुरेंद्र भदोरिया, शरद पांडे, अमित गावडे तथा   आरक्षक चालक राकेश शामिल रहे।डॉ अशोक शर्मा और एकाउंटेट रमेश कछवाहा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।