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हौसलों ने दी आर्थिक तंगी को दी मात, एक ने गोल्ड तो दूसरे ने जीता ब्रान्ज

हौसलों ने दी आर्थिक तंगी को दी मात, एक ने गोल्ड तो दूसरे ने जीता ब्रान्ज

पॉवर लिफ्टिंग में युवाओं ने कटनी को दिलाया दो पदक, खेल प्रेमियों में हर्ष
डिजिटल डेस्क  कटनी ।
मन में कुछ करने का जज्बा हो तो फिर मुश्किलें राहें भी आसान हो जाती हैं। शहर के दो युवाओं ने इस वाक्य को सही कर दिखाया। शिवपुरी में प्रदेश स्तरीय पॉवरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में कटनी के हिस्से में दो-दो मेडल आने से खेल प्रेमी खुशी से झूम रहे हैं। बेहद कम संसाधनों के बावजूद दोनों ने सपनों के पंखों में वह उड़ान भरी है। जिसका सपना तो हर माता-पिता का रहता है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण लाख कोशिशों के बावजूद भी अपने बच्चों के लिए संसाधन नहीं जुटा पाते और न ही मंहगे जिम में ट्रेनिंग दिला पाते। इसके बावजूद खिरहनी वेंकट वार्ड निवासी महेश प्रसाद निषाद और श्रीमति सावित्री निषाद के बेटे अभय निषाद अपने परिवार के भरोसे को कायम रखते हुए अन्य लोगों के लिए मिशाल पेश की। इन्होंने स्वर्ण पदक जीता। दुर्गा चौक निवासी सोनू विश्वकर्मा ने कांस्य पदक जीता।
चैलेंज को स्वीकारा
अभय निषाद उन युवाओं में से है। जिसके मन में शुरु से ही कुछ करने का जज्बा रहा। पिता महेश प्रसाद टेंट के छोटे व्यवसाई रहे। इस व्यवसाय से उनके साथ घर के अन्य सदस्यों का जीवन यापन हो रहा था। टेंट का काम करते समय एक बार करंट का शिकार हो गए। जिसके चलते चौबीस घंटे काम करने की क्षमता कम हो गई। स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टरों ने सलाह दी कि वे दिन में ही कुछ घंटे काम कर सकते हैं। जिसके बाद आमदनी भी कम होने लगी। इसके बावजूद बच्चे के हौसलों को कम नहीं होने दिया। इसी तरह से दुर्गा चौक निवासी नरेश विश्वकर्मा के पुत्र सोनू विश्वकर्मा ने भी कमाल कर दिखाया।
घर से हुई शुरुआत
मंहगे जिमों का खर्चा परिवार पर बोझ न बने। इसके लिए अभय ने घर में ही पहले एक वर्ष तक प्रेक्टिस किया। इसके बाद ट्रेनर अविनाश दुबे के माध्यम से अंदर की छिपी प्रतिभाओं को निखारा। महेश बताते हैं कि बेटे की इच्छा तो चैम्पियन बनने की रही, लेकिन वह किसी तरह का आर्थिक बोझ अपने परिवार पर नहीं डालना चाहता था। जिसके लिए पहले घर में ही प्रेक्टिस किया, फिर जिम में कुछ माह तक प्रेक्टिस करने के बाद ट्रेनर के रुप में काम करने लगा। इससे उसे कुछ रुपए मिलने लगे। इस रुपए को उसने डाइट में और स्वयं के प्रेक्टिस में लगाया।
नेशनल चैम्पियन का ख्वाब
प्रदेश स्तर पर सफलता का परचम लहराने वाले दोनों युवा बताते हैं कि अभी उन्हें और मेहनत करना है। अभिषेक ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद वेटलिफ्टिंग का शौक उन्हें जागा। जब यह बात अपने दोस्तों को बताई तो उनके पतलेपन पर कुछ लोगों ने मजाक भी उड़ाया और कुछ दोस्त ऐसे भी रहे। जिन्होंने हौसला बढ़ाया। माता-पिता, भाई और बहन ने उन्हें आगे बढऩे की सीख दी।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।