दैनिक भास्कर हिंदी: सर्वे में खुलासा : मनपा स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से 8वीं कक्षा के 48 फीसदी बच्चों को नहीं आता ठीक से पढ़ना

May 5th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। देश के सरकारी स्कूलों की स्थिति काफी दयनीय है। इसका खुलासा असर संस्था द्वारा किए गए एक सर्वे में सामने आया है। विभागीय आयुक्त डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि मनपा स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से 8वीं कक्षा तक के 48 फीसदी बच्चों को पढ़ना तक नहीं आता है। मुख्याध्यापक व शिक्षक अध्ययन और अध्यापन पद्धति में बदलाव कर ऐसा  विशेष प्रयास करें कि कम से कम 86 फीसदी बच्चों को पढ़ना आए। कार्यक्रम में विशेष मंथन : मनपा के समग्र शिक्षा विभाग के तत्वावधान में शनिवार को रेशमबाग स्थित सुरेश भट सभागृह में ‘अध्ययन निष्पत्ति व मूलभूत क्षमता विकास’ कार्यक्रम में मनपा विद्यालयों के सभी मुख्याध्यापक व शिक्षकों के अध्ययन स्तर निर्धारण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभागीय आयुक्त डॉ. संजीव कुमार बोल रहे थे। कार्यक्रम में  मनपा अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी, मनपा शिक्षाधिकारी प्रीति मिश्रीकोटकर, डीआईसीपीटी के प्राचार्य रवींद्र रमतकर उपस्थित थे।

पारशिवनी तहसील में यह आंकड़ा 49 फीसदी

विभागीय आयुक्त ने कहा कि असर संस्था द्वारा मनपा स्कूलों के साथ ही नागपुर, भंडारा, चंद्रपुर, वर्धा जिले के स्कूलों के पहली से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का सर्वे किया गया। संस्था ने कई स्तर पर विद्यार्थियों की जांच की, इसमें सामने आया कि पारशिवनी तहसील के स्कूलों में पहली से 8वीं के 49 फीसदी बच्चों को पढ़ना तक नहीं आता था। मुख्याध्यापक व शिक्षकों ने विभिन्न प्रयोगों के जरिये शैक्षणिक दर्जा सुधारने के िलए विशेष कार्य किया। इसके बाद तीन माह में 73 फीसदी बच्चों काे पढ़ना आने लगा।  

नए सत्र में परिवर्तन दिखाई देगा  

मनपा के अतिरिक्त आयुक्त राम जोशी ने कहा कि शैक्षणिक सत्र में मनपा के स्कूलों में परिवर्तन दिखाई देगा। मनपा के मुख्याध्यापक, शिक्षक एकजुट होकर काम करेंगे और विद्यार्थियों के शैक्षणिक दर्जे को सुधारने के लिए प्रयास करेंगे। इस अवसर पर समग्र शिक्षा विभाग के सहायक कार्यक्रम अधिकारी धनलाल चौलीवार, क्रीड़ा निरीक्षक नरेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा अधिकारी नरेश सवाईतूल व आभार सहायक शिक्षणाधिकारी राजेंद्र सुके ने किया।