दैनिक भास्कर हिंदी: छतरपुर में बिक रहा था नकली इंजन ऑयल - पुलिस ने  5 ठिकानों पर मारा छापा,3 करोड़ का माल जब्त ,आरोपी सालाखों के पीछे

August 29th, 2020

डिजिटल डेस्क  टीकमगढ़ । पौने दो साल से जिले में ओरिजनल ऑयल की सेलिंग महज 10 प्रतिशत रह गई थी। 90 प्रतिशत नकली ऑयल बेचा जा रहा था। यह गोरखधंधा 10 साल से चल रहा था। नुकसान होने पर कंपनी ने लॉक डाउन के पहले इनवेस्टिगेशन शुरू की और कडिय़ां जोड़ीं। पूरी रैकी करने के बाद पुलिस के नेतृत्व में शुक्रवार को नकली ऑयल बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। पांच स्थानों पर रेड कर ढाई करोड़ से अधिक का मटेरियल जब्त किया। हीरो, एचपी, बजाज, प्रीमियम, जैबरो, केस्ट्रॉल कंपनी के स्टीकर, पैकिंग मशीन, खाली पैकिंग, बारकोड आदि सामग्री जब्त की है। लॉसर रिस्क कंसलटिंग के जांच अधिकारी ने भोपाल मुख्यालय में शिकायत की। जिस पर कार्रवाई की गई है। आरोपियों को सीखचों के पीछे भेज दिया गया ।
शहर में काफी दिनों से नकली ऑयल बनाने का जिले में गोरखधंधा फल-फूल रहा है। पुलिस मुख्यालय के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को शहर में नकली ऑयल फैक्टरी पर छापामार कार्रवाई की गई। गिरोह के लोगों को गिरफ्तार कर कोतवाली में पूछताछ की गई। नकली ऑयल गिरोह के सरगना का नेटवर्क इतना तेज था कि वह जिला मुख्यालय पर शहर के बीचों बीच नकली ऑयल बनाने का कार्य कर रहे थे। यह शहर, ग्रामीण क्षेत्रों सहित जिले के बाहर थोक और फुटकर ऑयल बेचते थे। पुलिस ने सुबह नारगुड़ा दरवाजा मुहल्ला के चार गोदाम सहित कई स्थानों पर जांच की। आयल कंपनी के भोपाल के अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान एसपी प्रशांत सक्सेना ने नकली ऑयल फैक्टरी के गोदामों में जाकर जायजा लिया। फैक्टरी से ढाई करोड़ से अधिक का ऑयल और सामग्री जब्त होना बताई गई है। कोतवाली टीआई आरपी चौधरी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वह नकली ऑयल कहां-कहां बेचते थे। कहां पर गोदाम बनाए थे और इनके गिरोह में कौन-कौन शामिल था, यह भी जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध कॉपीराइट, ट्रेड मार्केट, पेटेंट एक्ट सहित 420 के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। 
जांच अधिकारी के आवेदन पर कार्रवाई 
अधिकृत कंपनी का नकली ऑयल बनाकर बिक्री करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को आवेदन दिया गया। अमित जग्गी पिता प्रेम जग्गी हनुमानगंज भोपाल ने आवेदन दिया। जिसमें  उल्लेख किया कि वह लॉसर रिस्क कंसलटिंग में तीन साल से जांच अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उनकी कंपनी को हीरो और एचपी कंपनी ने पॉवर ऑफ अटर्नी के माध्यम से अधिकृत किया है। जिसमें जिक्र किया की उनकी कंपनी का कार्य अधिकृत कंपनी के ब्रांड को सुरक्षा करना है, इसके लिए वह पुलिस के साथ पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट की कार्रवाई करते हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी को कुछ महीनों से सूचना मिल रही है कि ओम अग्रवाल, रूपेश अग्रवाल संतोषी माता मंदिर गली, नारगुढ़ा दरवाजा टीकमगढ़ के व्यक्ति हीरो और एचपी कंपनी का स्टीकर लगाकर व कलर मिलाकर नकली ऑयल बनाकर बिक्री कर रहे हैं।
10 साल से चल रहा है गोरखधंधा 
असिस्टेंड मैनेजर अमित जग्गी ने भास्कर को बताया कि उनके कार्यक्षेत्र की नामी कंपनी के ऑयल बिक्री में करीब 10 साल से कमी देखी जा रही थी। इस पर कंपनी ने मॉनीटरिंग शुरू की और अपने स्तर पर शहर में भ्रमण जांच अधिकारी भेजे। जिसमें पाया कि टीकमगढ़ में कई लोग नकली ऑयल बनाकर मनमर्जी रेट पर बेचते थे। गोरखधंधा करने वाली फैक्टरी वाले इनते चालाकी से शहर की दुकानों पर विक्रय करते थे कि कोई वाहन चालक उसे समझ नहीं पाता था। जग्गी ने बताया कि उनकी टीम ने शहर में नकली फैक्टरी वालों के पास दुकानदार व ग्राहक बनकर खरीदारी भी कर चुके हैं। इससे यह स्पष्ट हो चुका था कि यह लोग काफी  दिनों से इस कार्य में संलिप्त है। इसके बाद पूरी जांच-पड़ताल कर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके लिए कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भोपाल स्तर तक अधिकरियों को सूचना की। 
 

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