बेटा नही होने से पति ने धुत्कारा: चार बेटियों की जिम्मेदारी उठा रही मॉ को महिला एसआई ने दिया सहारा

May 10th, 2022

डिजिटल डेस्क, मंडला। जिला मुख्यालय के राधाकृष्णन वार्ड निवासी महिला को पति ने इसलिए छोड दिया क्योकि बेटा नही हुआ। चार बेटियों की जिम्मेदारी उठा रही माँ को  कोतवाली ऊर्जा डेस्क में पदस्थ एसआई खुशबू बिसेन का सहारा मिला है। महिला को एसआई ने रोजगार के लिए सिलाई मशीन दी। अब लक्ष्मी इस मशीन के सहारे कपड़े सिलकर बेटियों का भरण पोषण और बेहतर शिक्षा दे सकेगी। सिलाई मशीन लेते समय महिला भावुक हो गई।

जानकारी के मुताबिक लक्ष्मी बैरागी का विवाह राजकुमार बैरागी निवासी राधाकृष्ण वार्ड से हुआ था, लक्ष्मी ने चार बेटियों को जन्म दिया। बेटा नही होने के कारण पति ने लक्ष्मी को छोड़ दिया, जिसके बाद लक्ष्मी चार बेटी नीलम बैरागी(10), अंजली (9) गूंजन (5) और रचना (3) की जिम्मेदारी उठा रही थी, पति के द्वारा हर माह 7 हजार रूपये परिवार के भरण पोषण के लिए दिये जा रहे है, इससे चार बेटियों की जिम्मेदारी संभालना मुश्किल हो रहा था। लक्ष्मी को बेटियों की बेहतर शिक्षा और भरण पोषण में समस्या का सामना करना पड़ रहा था। कोतवाली ऊर्जा डेस्क में पदस्थ एसआई खुशबू बिसेन ने महिला को सिलाई मशीन दी है। जिससे महिला कपड़े सिलकर स्वरोजगार कर सकेगी।

इस तरह मिला सहयोग-

महिला लक्ष्मी बैरागी के खिलाफ सास कमला बैरागी ने वन स्टॉप सेंटर पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद यह मामला कोर्ट में पहुंचा। यहां कोर्ट में लक्ष्मी ने अपना पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता से संपर्क किया। अधिवक्ता ने लक्ष्मी को पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने की सलाह दी। जिसके बाद एसपी से शिकायत लक्ष्मी के द्वारा की गई। जांच ऊर्जा डेस्क प्रभारी खुशबू बिसेन के पास आई। यहां उन्होंने महिला की स्थिति देखी, उन्होने लक्ष्मी से पूछा कि चार बेटियों के भरण पोषण क्या रोजगार कर सकती हो, लक्ष्मी ने बताया है कि उसे सिलाई आती है, अगर मशीन होती तो उसको घर बैठे काम मिल जाता, बस क्या था, एसआई खुशबू बिसेन से लक्ष्मी को तत्काल सिलाई मशीन खरीद कर दे दी।

भावुक हो गई लक्ष्मी-

मंगलवार को ऊर्जा डेस्क प्रभारी खुशबू बिसेन ने लक्ष्मी को बुलाया और उन्हें मशीन सौंपी, इस दौरान लक्ष्मी भावुक हो गई। लक्ष्मी ने कहा कि उसे सिलाई आती है लेकिन अभी उसे और सीखने की जरूरत है, जल्द से जल्द वह बढिय़ा कपड़े सिलना सीख जाएगी, बेटियों की परवरिश के लिए उसे अब आसानी होगी। मशीन लेने के बाद लक्ष्मी ने एसआई को शुक्रिया कहा। एसआई खुशबू बिसेन ने लक्ष्मी को भरोसा दिलाया है, उसे जब भी कोई जरूरत हो, बिना संकोच के मदद मांग सकती है। इस दौरान टीआई आशीष धुर्वे, एसआई गिरीश शर्मा, शक्ति यादव, आरक्षक सुंदरलाल, अमित गरयार, संतराम मरावी मौजूद रहे।