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पालकमत्री कार्यालय के बाहर जलाया गया कचरा, अब मनपा करेगी कार्रवाई

पालकमत्री कार्यालय के बाहर जलाया गया कचरा, अब मनपा करेगी कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  सरकार द्वारा आम जनता पर नियमों के तहत कार्रवाई करना आम बात है, लेकिन इस बार नियमों का उल्लंघन करने पर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पर मनपा ने कार्रवाई की तैयारी की है। पालकमंत्री बावनकुले के कार्यालय के बाहर नियमाें का उल्लंघन कर बड़ी मात्रा में फाइलें और कचरा जलाया गया है, जबकि इस तरह की गतिविधियों को मनपा का जोन कार्यालय और उपद्रव टीम अंजाम देती है। 

खाली कर रहे हैं कॉटेज
पालकमंत्री को रविभवन स्थित कॉटेज नंबर 5 को अलाट किया गया है। यहां पालकमंत्री ने अपना कार्यालय बनाया है, साथ ही बैठकें भी लेते रहते हैं। ज्यादातर शिकायतें लेकर शहर के लोग कॉटेज पर पहुंचते हैं। पार्टी के अलावा अन्य अधिकारी-पदाधिकारी वहां फाइलें लेकर पहुंचते हैं, जिससे वहां बड़ी मात्रा में फाइलें जमा हो गईं थीं। पालकमंत्री इस बार टिकट नहीं मिलने से चुनाव नहीं लड़े हैं।  ऐसे में वे कॉटेज नंबर 5 को खाली करना शुरू कर दिए हैं। इससे पालकमंत्री के कार्यालय से बड़ी मात्रा में फाइलें निकलीं, जिनको वहीं कॉटेज के बाहर कचरे के साथ जला दिया गया। हालांकि मामले में पालकमंत्री का कहना है कि कार्यालय में बड़ी मात्रा में फाइलें जमा हो गई थीं, जिसके बाद सिर्फ अनावश्यक फाइलों को ही जलाया गया है।

नियम क्या कहता है
नियमानुसार स्मार्ट सिटी में इस तरह कचरा जलना प्रतिबंधित है। इसके लिए कुछ नियम-कानून बनाए गए हैं। मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय ने भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। ऐसे में इस तरह कचरा जलाने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। शहर में मनपा का स्वास्थ्य विभाग और उपद्रव पथक इस तरह के मामलों पर कार्रवाई करता है।

5 हजार लगता है जुर्माना
कचरा जलाने की खबर मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंच कर कार्रवाई करती है। हम सामान्यत: 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हैं। ऐसी घटना यदि कहीं हुई है, तो आप हमें फोटो उपलब्ध करवाएं।  
--वीरसेन तांबे, प्रमुख, उपद्रव पथक, मनपा

मौके पर जा कर लेंगे जायजा
कचरा जलाने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यदि कोई भी व्यक्ति कचरा जलाता है, तो उस पर हम जुर्माना लगाते हैं। कचरा जलाने के मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं। रविभवन के पास यदि कचरा जलाया गया है, तो हम मौके पर जाकर जुर्माना लगाएंगे। --सुनील कांबले, स्वास्थ्य अधिकारी, मनपा
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।