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रिश्वत लेते पकड़े गए ग्राम पंचायत सचिव को 5 साल की सजा, 20 हजार का जुर्माना भी लगा

रिश्वत लेते पकड़े गए ग्राम पंचायत सचिव को 5 साल की सजा, 20 हजार का जुर्माना भी लगा



डिजिटल डेस्क जबलपुर। जबलपुर की शहपुरा तहसील की ग्राम पंचायत सेमरा के तत्कालीन सरपंच धर्मेन्द्र ठाकुर को रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। विशेष न्यायधीश अवधेश कुमार गुप्ता की अदालत ने आरोपी को पांच साल की सजा व अलग-अलग धाराओं में कुल 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार ग्राम पंचायत सेमरा के पूर्व सरपंच दिलीप उर्फ दीपक
झारिया ने 2 नवंबर 2017 को लोकायुक्त एसपी को शिकायत दी थी कि उसके वर्ष 2010 से जनवरी 2015 तक के  कार्यकाल में ग्राम उमरिया में एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया गया था। इसकी तकनीकी स्वीकृति 3.18 लाख रुपये की थी। प्रथम किश्त 1.16 लाख रुपये उसे प्राप्त हो चुकी थी । शेष राशि की दूसरी किश्त देने के लिए उसने सचिव धर्मेंद्र ठाकुर से संपर्क किया तो आरोपी ने रिश्वत के रूप में 5 हजार रूपए माँगे। शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से 3 नवंबर 17 को ग्राम गंगई शौर्य फोटो कॉपी की दुकान के पास आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार किया था। लोकायुक्त ने कार्रवाई के बाद विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था।
प्लाट बेचने की रची साजिश-
सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। लोकायुक्त की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रशांत शुक्ला ने पैरवी की। पति पत्नी के साथ धोखाधड़ी करने पर दो को सजा अपर सत्र न्यायाधीश मनीष सिंह ठाकुर ने एक दंपत्ति के साथ धोखाधड़ी करने के आरोपी को दो अलग-अलग मामलों में दो-दो साल की सजा और 5-5 हजार रुपए जुर्माने से दण्डित किया है। रामपुर छापर में रहने वाले मोहम्मद नसीम और जयप्रकाश नगर अधारताल में रहने वाले निशांत श्रीवास्तव पर आरोप था किउन्होंने गुरन्दी निवासी राजा सोनकर और उसकी पत्नी रानी सोनकर को महाराजपुर में स्थित दूसरे के प्लाट अपने बताकर बेचने की साजिश रची।
दोषी पाते हुए सजा सुनाई-
आरोपियों ने फरियादी दंपत्ति से रकम लेकर रजिस्टर्ड विक्रय पत्र निष्पादित किए। राजस्व अभिलेखों में दोनों प्लाट पर अपना नाम दर्ज कराने जब दंपत्ति ने आवेदन दिए, तब उन्हें पता चला कि जो प्लाट उन्होंने आरोपियों से खरीदे वो किसी और के हैं। इस मामले में अधारताल थाना पुलिस को दी गई शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में चालान पेश होने के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
शासन की ओर से एजीपी राजेश तिवारी ने पैरवी की।

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