comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

रिश्वत लेते पकड़े गए ग्राम पंचायत सचिव को 5 साल की सजा, 20 हजार का जुर्माना भी लगा

रिश्वत लेते पकड़े गए ग्राम पंचायत सचिव को 5 साल की सजा, 20 हजार का जुर्माना भी लगा



डिजिटल डेस्क जबलपुर। जबलपुर की शहपुरा तहसील की ग्राम पंचायत सेमरा के तत्कालीन सरपंच धर्मेन्द्र ठाकुर को रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। विशेष न्यायधीश अवधेश कुमार गुप्ता की अदालत ने आरोपी को पांच साल की सजा व अलग-अलग धाराओं में कुल 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार ग्राम पंचायत सेमरा के पूर्व सरपंच दिलीप उर्फ दीपक
झारिया ने 2 नवंबर 2017 को लोकायुक्त एसपी को शिकायत दी थी कि उसके वर्ष 2010 से जनवरी 2015 तक के  कार्यकाल में ग्राम उमरिया में एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया गया था। इसकी तकनीकी स्वीकृति 3.18 लाख रुपये की थी। प्रथम किश्त 1.16 लाख रुपये उसे प्राप्त हो चुकी थी । शेष राशि की दूसरी किश्त देने के लिए उसने सचिव धर्मेंद्र ठाकुर से संपर्क किया तो आरोपी ने रिश्वत के रूप में 5 हजार रूपए माँगे। शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से 3 नवंबर 17 को ग्राम गंगई शौर्य फोटो कॉपी की दुकान के पास आरोपी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार किया था। लोकायुक्त ने कार्रवाई के बाद विशेष न्यायालय में चालान पेश किया था।
प्लाट बेचने की रची साजिश-
सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। लोकायुक्त की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रशांत शुक्ला ने पैरवी की। पति पत्नी के साथ धोखाधड़ी करने पर दो को सजा अपर सत्र न्यायाधीश मनीष सिंह ठाकुर ने एक दंपत्ति के साथ धोखाधड़ी करने के आरोपी को दो अलग-अलग मामलों में दो-दो साल की सजा और 5-5 हजार रुपए जुर्माने से दण्डित किया है। रामपुर छापर में रहने वाले मोहम्मद नसीम और जयप्रकाश नगर अधारताल में रहने वाले निशांत श्रीवास्तव पर आरोप था किउन्होंने गुरन्दी निवासी राजा सोनकर और उसकी पत्नी रानी सोनकर को महाराजपुर में स्थित दूसरे के प्लाट अपने बताकर बेचने की साजिश रची।
दोषी पाते हुए सजा सुनाई-
आरोपियों ने फरियादी दंपत्ति से रकम लेकर रजिस्टर्ड विक्रय पत्र निष्पादित किए। राजस्व अभिलेखों में दोनों प्लाट पर अपना नाम दर्ज कराने जब दंपत्ति ने आवेदन दिए, तब उन्हें पता चला कि जो प्लाट उन्होंने आरोपियों से खरीदे वो किसी और के हैं। इस मामले में अधारताल थाना पुलिस को दी गई शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में चालान पेश होने के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
शासन की ओर से एजीपी राजेश तिवारी ने पैरवी की।

कमेंट करें
ANcGn
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।