दैनिक भास्कर हिंदी: हनीप्रीत की ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ी, अंबाला जेल भेजा गया

October 14th, 2017

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ। डेरा प्रमुख राम रहीम की लाडली बेटी हनीप्रीत की शुक्रवार को ज्यूडिशयल कस्टडी बढ़ा दी गई है। हनीप्रीत के साथ उसकी दोस्त सुखदीप कौर की भी ज्यूडिशयल कस्टडी को 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। दोनों को अंबाला जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि हनीप्रीत की पुलिस रिमांड शुक्रवार को खत्म हो गई थी, जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने उसे पंचकूला की अदालत में पेश किया था। सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि हनीप्रीत का एक मोबाइल मिल गया है लेकिन कोई लैपटॉप नहीं मिला है। 

इस बीच डेरा की चेयरपर्सन विपासना भी पंचकूला के सेक्टर 23 थाने पहुंची थीं। हनीप्रीत और विपासना दोनों से पुलिस ने पूछताछ की। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विपासना को सामने देख हनीप्रीत जोर-जोर से रोने लगीं। बता दें कि पंचकूला पुलिस ने इससे पहले इसी हफ्ते दो बार विपासना को नोटिस भेजा था, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया था।

बता दें कि हरियाणा पुलिस हनीप्रीत को 9 दिन की रिमांड पर रख चुकी है, लेकिन इस दौरान पुलिस को हनीप्रीत के खिलाफ कुछ खास ठोस सबूत नहीं मिल पाए हैं। इस कारण पुलिस की मुश्किले बढ़ती जा रही है।

पुलिस नहीं जुटा पाई है ठोस सबूत 

इस केस में सबूत के तौर पर पुलिस के पास अभी तक सिर्फ हनीप्रीत का कबूलनामा और मोबाइल है। सूत्रों की मानें तो पुलिस को सहयोग न करने के पीछे भी हनीप्रीत की साजिश है। हनीप्रीत जानती है कि पुलिस उसके कबूलनामे पर ही केस को आगे बढ़ा रही है। अगर पुलिस को कोई भी सबूत न मिला तो कोर्ट में ये केस कमजोर हो जाएगा और तो और सबूत न मिलने पर पुलिस को दिए बयान से वो कोर्ट में मुकर भी सकती है।

महिन्दरपाल सिंह बिट्टू पुलिस की गिरफ्त में

हनीप्रीत के फरार होने के दौरान पंजाब में छिपने के ठिकानों से जानकारी और सबूत जुटाने के लिए गुरुवार को हरियाणा पुलिस ने बठिंडा के जंगीराणा गांव में छापेमारी की। हरियाणा पुलिस ने सबसे पहले नंदगढ पुलिस थाना क्षेत्र में छापा मारकर देशद्रोह के आरोपी महिन्द्रपाल सिंह बिट्टू को अरेस्ट किया। पंजाब में हिंसा भड़काने के लिए गठित सात मेंबरी कमिटी के प्रमुख महिन्दरपाल सिंह बिट्टू के खिलाफ 26 अगस्त को बठिंडा पुलिस ने देशद्रोह का मामला दर्ज किया था, लेकिन पंजाब पुलिस उसे अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।