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मोदी और जिनपिंग के बीच आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा, नेपाल रवाना हुए चीनी राष्ट्रपति


हाईलाइट

  • मोदी-जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात का आज अंतिम दिन
  • दोनों नेता साथ बिताएंगे 6 घंटे
  • प्रतिनिधि स्तर पर होगी चर्चा

डिजिटल डेस्क कोवलम। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने दो दिवसीय भारत दौरे के बाद अब नेपाल के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रतिनिधिमंडल स्तर पर चर्चा में बताया कि भारत और पीएम मोदी द्वारा किया गया आतिथ्य उनके लिए एक यादगार अनुभव रहेगा। इस वार्ता में पीएम मोदी ने भी बताया कि वुहान में हुए पहले अनौपचारिक मिलन समारोह से दोनों देशों के बीच विश्वास पैदा हुआ और संबंधों को एक नयी गति मिली। साथ ही पीएम मोदी ने दो दिन के इस 'चेन्नई कनेक्ट' को भारत-चीन के संबंधों का एक नए युग की शुरुआत करार दिया।

मोदी ने दिया जिनपिंग को गिफ्ट

भारतवर्ष में अतिथियों को आदर के साथ विदाई में उपहार देने की रीत बहुत पुरातन काल से ही चली आ रही है। ऐसे में जिनपिंग की नेपाल रवानगी से पहले पीएम मोदी ने भी उन्हें उनका एक हाथ से बुने रेशम का चित्र उपहार में दिया। बता दें कि शी जिनपिंग का यह चित्र कोयंबटूर जिले के सिरुमुगिपुदूर की श्री रामलिंगा सोदाम्बिगई हैंडलूम बुनकर सहकारी समिति के बुनकरों ने बनाया हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'वुहान में पिछले साल हुई भारत-चीन के बीच पहली अनौपचारिक शिखर वार्ता से दोनों देशों के संबंधों में नई स्थिरता आई और दोनों ही देशों को एक नई गति मिली और विश्वास भी पैदा हुआ।' उन्होंने कहा कि 'भारत-चीन के बीच रणनीतिक संचार भी बढ़ा है।' 

चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने पीएम मोदी से कहा कि 'जैसा कि आपने कल कहा था कि हम दोनों ने दोस्तों की तरह द्विपक्षीय संबंधों में स्पष्ट बातचीत की। हम वाकई में आपके आतिथ्य से अभिभूत हैं। मैंने और मेरे साथियों ने महसूस किया है कि बहुत दृढ़ता से। यह हमारे लिए एक यादगार अनुभव रहेगा।

शुक्रवार को पीएम मोदी ने तमिलनाडु की ऐतिहासिक भूमि मामल्लपुरम (महाबलीपुरम) में जिनपिंग को अर्जुन तपस्या स्थली और तट मंदिर के दर्शन कराए थे और उन स्थलों का महत्व भी समझाया था। इसके बाद दोनों नेताओं ने पंच रथ स्थल पर नारियल पानी पिया और अनौपचारिक बातचीत की शुरुआत की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को नचियारकोइल-ब्रांच अन्नम लैंप और थंजावुर स्टाइल की पेंटिंग भी गिफ्ट की थी। साथ ही दोनों नेताओं के बीच व्यापार से लेकर आतंकवाद जैसे कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई थी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।