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PM मोदी और शाह के साथ लगा ज्योतिरादित्य सिंधिया का पोस्टर

PM मोदी और शाह के साथ लगा ज्योतिरादित्य सिंधिया का पोस्टर

हाईलाइट

  • भिंड की सड़कों पर मोदी-शाह के साथ लगा ज्योतिरादित्य सिंधिया का पोस्टर
  • अनुच्छेद 370 के निरसन का समर्थन करने पर BJP ने लगाया पोस्टर
  • BJP से नजदीकी नकार चुके है सिंधिया

डिजिटल डेस्क भिंड। मध्य प्रदेश कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल के बीच भिंड की सड़कों पर लगा एक पोस्टर राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया नजर आ रहे हैं। यह पोस्टर सिंधिया द्वारा अनुच्छेद 370 खत्म करने के फैसले का समर्थन करने के बाद बीजेपी के जिला समन्वयक द्वारा लगाया गया है। मोदी-शाह के सिंधिया के साथ लगे इस पोस्टर ने एक बार फिर मध्य प्रदेश की सियासत में सिंधिया और बीजेपी की नजदीकियों को हवा दी है। हालांकि सिंधिया खुद इस बात को पहले ही सिरे से नकार चुके हैं।

दरअसल 5 अगस्त को BJP द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने के बाद कांग्रेस के कई नेताओं द्वारा इस फैसले का विरोध किया गया था। जबकि सिंधिया ने BJP के इस कदम का समर्थन किया था। इसी कारण BJP के जिला समन्वयक द्वारा पीएम मोदी और शाह के साथ सिंधिया का यह पोस्टर लगाया गया है।

वहीं सिंधिया ने भी गुरूवार को अपनी ही पार्टी पर निशाना साधते हुए किसानों की कर्ज माफी को लेकर कमलनाथ सरकार पर गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि 'किसानों का कृषि ऋण पूरी तरह से माफ नहीं हुआ है। सरकार ने केवल 50 हजार रु. ही माफ किये है, जबकि 2 लाख रुपए ऋण माफ करने का वादा किया गया था।' सिंधिया ने कहा कि 'संकट के समय जनता के साथ खड़े रहना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस सरकार की पहली जिम्मेदारी किसानों के प्रति है।'

इससे पहले भी सिंधिया ने सलमान खुर्शीद के बयान पर कहा था कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की जरूरत है। बता दें कि मध्य प्रदेश का विधानसभा चुनाव, पार्टी ने सिंधिया के चेहरे पर लड़ा था लेकिन बाद में पार्टी आलाकमान द्वारा कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना दिया गया। इसके बाद से ही सिंधिया समर्थकों द्वारा लगातार उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है। लेकिन उनकी मांगों को अब तक पूरा न किये जाने पर वे पार्टी से काफी नाराज चल रहे हैं। इसके अलावा सिंधिया भी कमलनाथ सरकार को बार-बार घेरते नजर आ रहे है। ऐसे में सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।

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