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मंत्रिमंडल फैसले : बनेगा कौशल्य विश्वविद्यालय, कैरावैन पर्यटन बढ़ाने नीति होगी लागू, अमरावती में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर भी चर्चा  

मंत्रिमंडल फैसले : बनेगा कौशल्य विश्वविद्यालय, कैरावैन पर्यटन बढ़ाने नीति होगी लागू, अमरावती में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर भी चर्चा  

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य में कौशल्य विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। इसके लिए विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विधेयक पेश होगा। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। फिलहाल देश में आठ कौशल्य विश्वविद्यालय हैं। इनमें से राजस्थान, हरियाणा में एक-एक, आंध्रप्रदेश में दो सार्वजनिक कौशल्य विश्वविद्यालय प्रस्तावित हैं। जबकि राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिसा व महाराष्ट्र में एक-एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित हुए हैं। उद्योगों के लिए प्रशिक्षित मनुष्य बल उपलब्ध कराने के लिए राज्य में यह कौशल्य विश्वविद्यालय बनाया जाएगा। कौशल्य विकास विभाग के माध्यम से राज्य में 6 जगहों पर विभागीय स्तर पर सेंटर ऑफ एक्सलेंस का निर्माण प्रस्तावित है। ये 6 केंद्र राज्य कौशल्य विश्वविद्यालय के विभागीय केंद्र के तौर पर कार्य करेंगे। विश्वविद्यालय के प्रशासन व इमारत के खर्च के लिए सालाना करीब 50 करोड़ रुपए की निधि उपलब्ध कराने को मान्यता दी गई है। राज्य सरकार कुल 500 करोड़ रुपए देगी। उसके बाद विश्वविद्यालय को अपने बल पर चलाना होगा।    

कैरावैन पर्यटन बढ़ाने कैरावैन पर्यटन नीति होगी लागू

प्रदेश में पर्यटकों को कैरावैन और कैरावैन पार्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कैरावैन पर्यटन नीति लागू करने को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। कोरोना संकट को देखते हुए सुरक्षित पर्यटन की दृष्टि से पर्यटक निजी वाहनों से यात्रा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति -2016 के प्रावधानों के तहत कैरावैन (चलता-फिरता घर जैसा वाहन) नीति को लागू करने का फैसला किया गया है। पर्यटन नीति- 2016 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहन जैसे कि मुद्रांक शुल्क में छूट, राज्य वस्तु व सेवा कर का रिफंड, विद्युत शुल्क में छूट आदि कैरावैन पार्क और कैरावैन पर्यटन के लिए लागू रहेगा। पर्यटन निदेशालय के पास कैरावैन और कैरावैन पार्क का पंजीयन करना आवश्यक होगा। कैरावैन और कैरावैन पार्क व्यवसायियों को पर्यटन निदेशालय के माध्यम से मार्केटिंग, स्वच्छता और प्रबंधन का प्रशिक्षण और प्रसार किया जाएगा। कैरावैन का राज्य के परिवहन आयुक्त के यहां पंजीयन करना पड़ेगा। कैरावैन पार्क, कैरावैन और हाइब्रीड कैरावैन पार्क का पंजीयन पर्यटन निदेशालय के पास कराना होगा। इसके साथ ही टूर ऑपरेटर का पंजीयन ऑनलाइन पद्धति से वेबसाइट  www.maharashtratourism.gov.in पर किया जा सकेगा। इसके लिए पंजीयन शुल्क 5 हजार रुपए और नवीनीकरण शुल्क 2 रुपए देना पड़ेगा। इस नीति में कैरावैन पार्क और कैरावैन ऐसे भाग है। इससे रोजगार का सृजन भी सकेगा। इस नीति के तहत पर्यटकों को रहने की सुविधा और निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। परिवार के पिकनिक का आयोजन, होटल और रिसॉर्ट जैसे पारंपरिक निवास व्यवस्था से अलग अनुभव मिल सकेगा। कैरावैन पर्यटन नीति के संबंध में राज्य स्तरीय समिति पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव वल्सा नायर-सिंह की अध्यक्षता में बनाई जाएगी। 

कैरावैन- कैरावैन में बेड की सुविधा होगी। कीचन, शौचालय, सोफा, टेबल उपलब्ध होगा। कैरावैन को आराम और निवास की दृष्टि से बनाया जाएगा। कैरावैन सिंगल एक्सेल कन्वेंशल कैरावैन, ट्विन एक्सल कैरावैन, टेंट ट्रेलर, फोल्डिंग कैरावैन, कैम्पर ट्रेलर जैसे विभिन्न प्रकार के होंगे। 

कैरावैन पार्क - मूलभुत सुविधाओं से युक्त जगह पर कैरावैन पार्क बनाया जाएगा। जहां पर छोटे और बड़े आकार के कैरावैन को खड़ा किया जा सकेगा। ऐसे पार्क निजी अथवा सरकारी जमीन पर खुद जमीन मालिक अथवा विकासक बना सकेंगे। पार्किंग की जगह आवश्यक सुविधा, पानी, सड़क और बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। यहां पर पर्यटक सुविधा केंद्र और उद्यान भी होंगे। कैरावैन पार्क मालिकों को पर्यटकों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से उपाय योजना करना पड़ेगा। इसमें शौचालय, विकलांगों के लिए व्हीलचेयर जैसी सुविधा का समावेश होगा। इसके लिए आवश्यक लाइसेंस स्थानीय प्राधिकरण के माध्यम से दिए जाएंगे। एमटीडीसी के पर्यटक निवास परिसर अथवा खुली जमीन या फिर कृषि पर्यटन केंद्रों में कैरावैन पार्क बनाया जा सकेगा। 

कैबिनेट में अमरावती के बढ़ते कोरोना संक्रमण पर हुई चर्चा  

राज्य में एक बार फिर कोरोना संक्रमण बढ़ता नजर आ रहा है। बुधवार को महाराष्ट्र में कोरोना के 4797 नए संक्रमित मिल जिससे राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ कर 20 लाख 76 हजार 93 हो गई। कोरोना के चलते 19 और लोगों की मौत हो गई। अब तक इस महामारी के चलते 51631 लोग अपनी जान गवा चुके हैं। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर चर्चा हुई। खासकर अमरावती में बढते मामलों को लेकर चिंता व्यक्त की गई। अमरावती में बीते 15 फरवरी को कोरोना के कुल 26124 मामले थे जो 17 फरवरी को बढ़ कर 27141 हो गए। 

यू बढ़ रहे मामले 

13 फरवरी     3611
14 फरवरी     4092
15 फरवरी     3365
16 फरवरी     3663
17 फरवरी     4787
 

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