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कोरबा : ठंड के मौसम में शीत लहर से बचाव के लिये दिशा-निर्देश जारी

November 18th, 2020 17:26 IST
कोरबा : ठंड के मौसम में शीत लहर से बचाव के लिये दिशा-निर्देश जारी

डिजिटल डेस्क, कोरबा। कलेक्टर श्रीमती कौशल ने आम नागरिकों से की शीत लहर में सतर्क और जागरूक रहने की अपील राज्य शासन ने ठंड के मौसम में शीत लहर और पाला की स्थिति उत्पन्न होने पर नागरिकों को शीत लहर से बचने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किये हैं। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने ठंड के मौसम में शीत लहर की स्थिति में जिले के नागरिकों को सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। कलेक्टर ने शीत लहर की स्थिति में नागरिकों से जितना संभव हो सके घर के अंदर रहने तथा अतिआवश्यक कार्य होने पर ही बाहर निकलने की अपील की है। कलेक्टर श्रीमती कौशल ने शीत लहर की स्थिति में बुजुर्ग व्यक्तियोें को अकेला ना छोड़ने तथा उनका ध्यान रखने की भी अपील नागरिकों से की है। शीत लहर से बचाव के लिये टोपी या मफलर का उपयोग करने अथवा सिर तथा कान को ढंककर रखने की भी अपील की है। कलेक्टर ने सर्दी से संबंधित शरीर पर कोई प्रभाव जैसे- नाक, कान, पैर, हाथ की उंगलियां लाल होने पर तुरंत स्थानीय चिकित्सक से सलाह लेने की भी अपील की है। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से असामान्य तापमान की स्थिति, अत्याधिक कांपना, सुस्ती, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह लेने की भी अपील की है। राज्य शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार सामान्य क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उसके बराबर होता है तो शीत लहर मानी जाएगी। शीत लहर की संभावना सामान्यतः दिसम्बर से जनवरी माह के बीच होती है। इस दौरान ठंड की व्यापकता और तीक्ष्णता कभी-कभी शीत लहर का रूप ले लेती है। नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले निःसहाय, आवासहीन, गरीब, वृद्ध और स्कूल जाने वाले विद्यार्थी को ठंड से प्रभावित होने की संभावना रहती है। शीत लहर से प्रभावित होने वाले जनसामान्य को बचाव के लिए समुचित प्रबंध करने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशानुसार शीत लहर और पाला से बचाव के लिए रिक्शाचालकों, दैनिक मजदूरों, आवासवीहिनों और सदृश्य श्रेणी के निःसहाय व्यक्तियों के लिये रैन बसेरा या अस्थाई शरण स्थलों में ठहराने की समुचित व्यवस्था अधिकारियों को करने के निर्देश दिए गए है। रात्रि में रैन बसेरा शरण स्थलों में पर्याप्त मात्रा में कम्बल रखने की व्यवस्था करने को कहा गया है। जिले में शीत लहर की स्थिति में शीत प्रकोप से बचाने हेतु अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। जिले में शीत प्रकोप से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं का भण्डारण एवं चिकित्सा सेवाएं लोगों को उपलब्ध कराने समुचित व्यवस्था करने एवं चिकित्सा दल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। शीत प्रकोप से रवि फसलों के बचाव हेतु कृषि विभाग के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित कर आवश्यक समुचित व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए है। इसी तरह से तापमान सामान्य से कम होने की स्थिति में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों एवं संस्थाओं के समय में आवश्यक परिवर्तन करने को कहा गया है। दिशा निर्देशानुसार मृत एवं पीड़ित परिवारों एवं प्रभावित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत आवश्यक अनुदान सहायता दी जाएगी। लोगों से सही तापमान वाले आवासों का उपयोग करने तथा आवश्यकतानुसार गर्म पेय पीते रहने की अपील की गई है। शीत लहर के दौरान यदि केरोसिन व कोल के हीटर का उपयोग करते है तो गैस व धुंऐ निकलने के लिए रोशनदान की व्यवस्था रखने की अपील नागरिकों से की गई है। दिशा निर्देशानुसार शीत लहर के दौरान स्वास्थ्यवर्द्धक खाने का उपयोग करने की अपील नागरिकों से की गई है। राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश में नागरिकों से मौसम संबंधित समाचार व शीत लहर के संबंध में जारी समाचारों को ध्यान से सुनने की अपील की गई है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।