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राहत-2  स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की लगी लंबी कतार, गंभीर बीमारियों का हो रहा उपचार 

राहत-2  स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की लगी लंबी कतार, गंभीर बीमारियों का हो रहा उपचार 

डिजिटल डेस्क मंडला। रोटरी राहत-2 के दूसरे दिन भी मरीजों की भीड़ आ रही है। यह केवल केंप नहीं, अंधेरे के खिलाफ रोशनी का ऐलान है। दूर-दराज से दुख दर्द लेकर आ रहे लोगों को राहत मिलने की आस है। यहां शिविर में ऐसे केस आ रहे थे, जिन्होने ठीक होने की उम्मीद पहले छोड़ दी थी,लेकिन शिविर में आये देश भर के नामी चिकित्सको की वजह से उपचार संभव हो सकेगा। 
मेमोग्राफी हो रही- 
महिलाओं की गंभीर बीमारियो का उपचार शिविर में हो रहा है। यहां स्तनकैंसर की जांच के लिए मेमोग्राफी मशीन भी लगाई गई है। सीएमएचओ डॉ श्रीनाथ सिंह ने बताया है कि रोटरी अमरावती से वेन आई है। जिसमें अत्याधुनिक उपकरण है। शिविर में आई महिलाओ के स्तन केंसर की जांच हो पा रही है। इस मशीन का लाभ गरीब और पिछड़े मरीजों केा मिल रहा है। 
मरीजों की परेशानी का रख रहे ख्याल-
शिविर में आये मरीजों की गांधी मैदान में जांच के बाद सर्जरी के लिए रैफर  किया जा रहा है। मरीजों को अस्पताल जाने में किसी तरह की परेशानी नही हो। इसके लिए वाहन व्यवस्था की जा रही है। हर अस्पताल के लिए अलग-अलग वाहन व्यवस्था बनाई गई है।मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है। 
रैफरल रूम बनाया-
यहां मरीजों के रैफर होने के बाद परेशानी ना हो, इसके लिए रैफरल रूम भी बनाया गया है, जिससे मरीजों को उपचार के बाद सर्जरी  कहां और कब जाना है। इसकी जानकारी रैफरल रूम से दी जा रही है। जिससे एक साथ मरीज सर्जरी के लिए ना पहुंचे और व्यवस्था बनी रहे। रैफरल रूम से शहर के तीनों अस्पताल के अलावा महानगर को भी रैफर किया जा रहा है। 
फैक्ट फाईल 
कुल पंजीयन - 4867
सामान्य शल्क क्रिया- 14
दंत रोग शल्य क्रिया- 73
नेत्र रोग शल्य क्रिया- 29
स्त्रीरोग शल्क क्रिया- 11
अस्थि रोग शल्य क्रिया- 6
प्लास्टिक सर्जरी- 3
कुल सर्जरी-136
खो गई थी आवाज, सर्जरी के बाद बोल पड़ी शांति 
दमोह जिले के रनेह से शांति बाई शिविर में उपचार की उम्मीद लेकर आई थी, उनका सपना हकीकत में बदल गया है। आवाज खो चुकी शांति बाई सर्जरी के बाद बोल पड़ी है। बताया गया है कि 3 साल पहले थाइराइड की सर्जरी के दौरान शांति की आवाज चली गई  थी। शांति बाई का शिविर के बारे में जानकारी लगी, जबलपुर के चिकित्सक के माध्यम से उपचार के लिए शिविर में पहुंची। यहां सर्जरी के बाद शांति बाई बोल पड़ी। शांति बाई अब अपना नाम, पता, और समस्या बता पा रही है। शांति बाई सर्जरी के बाद बेहद खुश है। अपनी तकलीफ बताते समय शांति बाई की आखों में आंसू आ गये है। शांति बाई के लिए यह किसी चमत्कार से कम नही था। शिविर ने शांतिबाई की जिंदगी बदल गई।  
डॉ ने खुद बनाया इम्प्लांट लगाया-
देश के नामी नाक कान लगा विशेषज्ञ शारदा मेडीकल कॉलेज से डायरेक्टर अनूपराज चोपड़ा से शांति बाई की सर्जरी की है। डॉ चोपड़ा के बताया है कि शांति बाई को वोकल कॉर्ड पैरालिसिस हो गया था, डॉ चोपड़ा ने खुद का बनाया इम्प्लांट लगाया है। इसकी कीमत महज 105 रूपये है। अमेरिका में इसकी कीमत 3200 डॉलर है। डॉक्टर चोपड़ा के द्वारा बनाया गया इम्प्लांट देश की स्थिति को देखते हुये बनाया गया है। इसका फायदा गरीब मरीजों को मिलेगा। देश में इस तरह की सर्जरी 3 चिकित्सक से कर सकते है। ऐसे चिकित्सक मंडला शिविर में सेवाभाव के साथ सर्जरी कर रहे है।
 

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