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मॉल वाले भी करना चाहते हैं शराब की होम डिलीवरी, दायर की याचिका 

मॉल वाले भी करना चाहते हैं शराब की होम डिलीवरी, दायर की याचिका 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मॉल स्थित शराब दुकानों को भी ऑनलाइन तरीके से मदिरा की होम डिलीवरी की अनुमति दिए जाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर राज्य सरकार व मुंबई महानगरपालिका से जवाब मांगा है। यह याचिका दक्षिण मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित सीआर-2 माल की शराब के दुकान के मालिक ने दायर की है। ओजस मार्केटिंग मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि मुंबई मनपा की ओर से शराब की बिक्री को लेकर 22 मई 2020 को जारी किए गए निर्देशों को मनमानी व अवैध तरीके से लागू किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता की दुकान भले ही मॉल में है, लेकिन दुकानों में प्रवेश व निकासी की व्यवस्था स्वतंत्र व अलग है। फिर भी उसे दुकानदारों की तरह अपना कारोबार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह न सिर्फ भेदभाव पूर्ण हैं, बलकि मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है मॉल स्थित शराब की दुकान को लेकर 22 मई 2020 को जारी निर्देशों को संकुचित व खामीपूर्ण तरीके से समझा जा रहा है। इसलिए इस विषय पर सभी दुकानों के लिए जिलाधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण जारी करने के साथ ही याचिकाकर्ता को अपना अपनी दुकान चलाने की अनुमति दी जाए। न्यायमूर्ति एस जे कथावाला की खंडपीठ के सामने याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार व मुंबई मनपा को जवाब देने का निर्देश दिया। 

रेड जोन में 15 फीसदी स्टाफ के साथ काम कर सकेंगी निचली अदालतें

इसके अलावा बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य की निचली अदालत के कामकाज को लेकर नए दिशा निर्देश जारी किए है। जिसके तहत सोमवार से रेड जोन में आनेवाले इलाको में स्थित निचली अदालतों को 15 प्रतिशत स्टाफ जबकि गैर रेड जोन में वाले इलाकों की अदालतों को 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम करने की छूट दी गई है। अदालतों को इस दौरान दो शिफ्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामलों की सुनवाई करने के लिए कहा गया है। कंटेन्मेंट इलाके में स्थित कोर्ट प्रशासन को स्थिति के हिसाब से कार्य का स्वरूप तय करने के लिए कहा गया है। सुनवाई के दौरान अदालतों को यह आश्वस्त करने के लिए कहा गया है कि कोर्ट परिसर में भीड़ न हो। अब निचली अदालतों में अपील व दूसरे आवश्यक मामलों की सुनवाई भी होगी। निचली अदालतों को कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार यानी 5 जून से हाईकोर्ट में भी दो शिफ्ट में काम होगा। इस सम्बंध में जारी की गई नोटिस के मुताबिक सुबह पौने ग्यारह बजे से पौने दो बजे तक पहली शिफ्ट का काम होगा। जबकि दोपहर दो बजे से शाम 5 बजे के बीच दूसरी शिफ्ट का काम होगा। इसके लिए मुख्य न्यायाधीश ने अलग से न्यायमूर्ति नामित किए हैं। हालांकि सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।