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मंडला पुलिस ने पकड़ा नक्सलीयों का मददगार , छह माह में सामने आया दूसरा मामला

July 12th, 2019 17:53 IST
मंडला पुलिस ने पकड़ा नक्सलीयों का मददगार , छह माह में सामने आया दूसरा मामला

डिजिटल डेस्क, मंडला। मप्र छत्तीसगढ़ की सीमा पर तेजी से नक्सल मूवमेंट बढ़ा है। नक्सली बालाघाट के बाद मंडला डिंडौरी तक अपनी ताकत बनाने के लिए सक्रिय है। गत दिवस जिले के मोतीनाला थाना पुलिस ने मंगली के जंगल से नक्सलीयों के मददगार को पकड़ा है। जो नक्सली के लिए जूते चप्पल और खाने पीने का सामन ले जा रहा था। पंडी टिकरा का रहने वाला आरोपी मददगार किसी दूसरे ग्रामीण को मंगली में लगने वाले बाजार में पहुंचाया था। इस दौरान पुलिस ने उसे ट्रेस कर धरदबोचा है। छह माह के भीतर यहां दूसरा मददगार पुलिस के हाथ लगा है।

मंडली पड़ी टिकरा के जंगल में घूमता मिला

बताया गया है कि मंडला के मोतीनाला मवई और छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र नक्सलीयों के निशाने पर है। यहां पुलिस फोर्स लगातार पैनी नजर रखने के साथ सर्चिग कर रही है। गत दिवस मोतीनाला पुलिस को खबर मिली कि एक व्यक्ति जरूरतो के समान ले जाने की फिराक में है। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और मंडली पड़ी टिकरा के जंगल में घूमता मिला। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रेम सिंह  पिता भोलू सिंह धुर्वे 27 वर्ष निवासी पंडी टिकरा बताया है। आरोपी ने बताया है कि किसी दूसरे ग्रामीण की मदद से दो हजार रूपए देकर  रविवार को लगने वाली बाजार में दो जोड़ी जूते चप्पल के साथ खाने पीने की सामग्री लाने के लिए भेजा था। यहां काम भी हो गया था लेकिन जूते के साईज में अंतर के कारण वह पकड़ा गया है हलांकि किसी भी संगठन का जिक्र नहीं किया है। 
 

आपत्तिजनक पर्चे मिले

इसके पहले भी मोतीनाला पुलिस ने 21 नवबंर 2018 को भिमौरी गांव के शंकर लाल धुर्वे को नक्सलीयों की मदद करने पर गिरफ्तार किया था,आरोपी के पास वायर एक बैटरी 12 वॉट, पटाखे रस्सी बम के तीन पैकेट,8 सेल व आपत्तिजनक लेखन सामग्री पर्चे मिले। वहीं दस जुलाई की रात्रि को बालाघाट पुलिस ने लांजी थाना के देवरबेली चौकी क्षेत्र के पुजारी टोला इलाके में पुलिस ने मुठभेड़ में पांच सदस्यीय दल में दो इनामी नक्सलियों को मार गिराने के बाद मंडला बालाघाट पुलिस को अलर्ट किया गया है।

इनका कहना है

आरोपी को नक्सली की मदद के लिए मंगली के जंगल से पकड़ा गया। पूछताछ में अधिक जानकारी नहीं लगी।कि वह किस संगठन का है, पुलिस फोर्स अलर्ट है,हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। रविशंकर डेहरिया,डीआईजी,बालाघाट
 

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vasudev thakur October 29th, 2019 09:37 IST

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।