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मनगवां विधायक ने गृहमंत्री को लिखा पत्र, कहा- एक सप्ताह में थानेदार को बहाल नहीं किया गया तो अनशन करूंगा

मनगवां विधायक ने गृहमंत्री को लिखा पत्र, कहा- एक सप्ताह में थानेदार को बहाल नहीं किया गया तो अनशन करूंगा

डिजिटल डेस्क रीवा । निलंबित मनगवां थाना प्रभारी के बचाव में भाजपा विधायक डॉ. पंचूलाल प्रजापति उतरे हैं। उन्होंने गृहमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि एसपी द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है। अभी हाल ही में टीआई एसके शुक्ला का किया गया निलंबन द्वेषपूर्ण एवं अनुचित है। अगर उन्हें एक सप्ताह के भीतर बहाल कर मनगवां थाना में पदस्थ नहीं किया जाता तो क्षेत्रीय जनता के साथ एसपी कार्यालय के सामने अनशन पर बैठूंगा।
3 अक्टूबर को एक युवती के गुमशुदगी की रिपोर्ट किए जाने पर युवती के पिता को थाने में 36 घंटे तक बैठाए जाने की शिकायत के बाद एसपी ने टीआई एसके शुक्ला को दो दिन पहले निलंबित किया। एसके शुक्ल के निलंबन के बाद मनगवां विधायक डॉ. पंचूलाल प्रजापति एसपी से नाराज हैं। उन्होंने गृह मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि एसपी द्वारा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर उक्त टीआई के विरुद्ध कार्रवाई की गयी। इसके पहले निरीक्षक समरजीत सिंह एवं विद्यावारिधि तिवारी को मेरे न चाहते हुए भी मनगवां में पदस्थ करने का प्रयास किया गया था। कुछ समय बाद एसके शुक्ला को मनगवां थाना में टीआई नियुक्त किया गया। उन्होंने यह भी पत्र लिखा है कि एसपी ने एसके शुक्ल को जिले से बाहर स्थानांतरित करने का भी प्रयास किया गया था लेकिन मैने व्यक्तिगत रूप से फोन कर डीजी से उनका स्थानांतरण निरस्त कराते हुए मनगवां थाने का टीआई बनवाया। यह बात एसपी को नागवार गुजरी और उन्होंने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर निलंबन का आदेश जारी किया।
विधायक ने पत्र में यह भी लिखा है कि अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अनुभाग मनगवां संतोष कुमार निगम द्वारा जांच में गड़बड़ी की गई है। एसके शुक्ल की पदस्थापना के बाद जिले में अपराध घट गए थे। उन्होंने टीआई एसके शुक्ल को बहाल करते हुए पुन: उसी थाने में पदस्थापना की जाए। साथ ही एसडीओपी मनगवां संतोष कुमार निगम को भी वहां से तत्काल हटाया जाए। दो मांगों का उल्लेख करते हुए विधायक ने उल्लेख किया है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो एसपी कार्यालय के सामने अनशन पर बैठूंगा। खबर यह भी है कि प्रजापति ने रीवा आईजी को भी इसी तरह का एक ज्ञापन सौंपा है।
इनका कहना है
एक युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाने आए  पिता को 36 घंटे तक टीआई ने थाने में बैठाकर रखा। इसकी शिकायत युवती के पिता एवं उसके परिजनों ने की, जिसकी जांच कराई गई। जांच के उपरांत टीआई पर लगाए गए आरोप सही निकले जिस पर निलंबन की कार्रवाई की गई। 
-राकेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक, रीवा 
 

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