दैनिक भास्कर हिंदी: चावल का दाना होने से रिजेक्ट कर रहे धान, किसानों ने किया प्रदर्शन

December 9th, 2020


डिजिटल डेस्क मंडला। समर्थन मूल्य पर हो रही धान खरीदी में किसान को विक्रय मेें परेशानी हो रही है। दरअसल धान में चावल के दाने होने के कारण सर्वेयर नान एफएक्यू बता कर रिजेक्ट कर रहे है, जिसके कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है हार्वेस्टर से कटाई में आंशिक चावल आता है, अब किसान ऐसे में धान का विक्रय नहीं कर पाएंगे। किसानों की मांग है कि धान में चावल होने की स्थिति में खरीदी की जाए।
जानकारी के मुताबिक मंडला जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 16 नवम्बर से शुरू की गई है। यहां 59 केंद्रो से धान क्रय की जा रही है। अब किसान केंद्रो में धान का विक्रय करने के लिए पहुंच रहे है लेकिन यहां धान को सर्वेयर रिजेक्ट कर रहे है। हार्वेस्टर में धान की कटाई होने के कारण कुछ चावल के दाने धान मे ंहै। जिसके कारण सर्वेयर नान एएक्यू धान बता रहे है।
किसान संतोष सिंगौर , प्यारेलाल, अजय पटेल समेत अन्य किसानों को कहना है कि धान के साथ आंशिक चावल आना स्वाभाविक है। लेकिन केंद्रो में जानबूझकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। मैसिज आने के बाद किसान केंद्र पहुंचे तो उनकी धान क्रय नहीं की जा रही है। किसान धान को पंखा कर चुके है। लेकिन उससे चावल नहीं निकलते है। जिससे किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कलेक्टर से शिकायत-
हिरदेनगर केंद्र मेें किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां के किसानों ने केंद्र के खिलाफ शिकायत कलेक्टर से दर्ज कराई है। किसानों ने बताया है कि धान क्रय नही होने के कारण अब किसानों को भटकना पड़ रहा है। यहां धान खरीदी नही होती है तो बाजार में कम दाम में विक्रय करना पड़ेगा। किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि खरीदी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया जाए कि किसानों से धान क्रय की जाए।
1 लाख 40 हजार क्विंटल धान खरीदी-
धान खरीदी की इस साल रफ्तार काफी धीमी है। अभी तक 1 लाख 40 हजार क्विंटल धान क्रय की गई है। छह हजार किसानों ने समर्थन मूल्य का लाभ लिया है। जिले में 33 हजार से ज्यादा किसानों ने धान के लिए पंजीयन कराया है। खरीदी शुरू हुये 20 दिन हो चुके है। लेकिन खरीदी में आ रही परेशानी के कारण यह समस्या बन रही है। एफएक्यू के कारण ज्यादा किसानों की धान नही तुल पा रही है।
ये है एफएक्ूय-
धान खरीदी में मानक स्तर की धान क्रय की जा रही है। जिसे एफएक्यू कहते है। इसमे कार्बनिक 1 प्रतिशत, अकार्बनिक 1 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त, बदरंग, अंकुरित घुने दाने 5 प्रतिशत, अपरिपक्व, सुकड़े, कुमलाहे दाने 3 प्रतिशत, निम्र श्रेणी के मिश्रित धान 6 प्रतिशत और नमी का अधिकतम प्रतिशत 17 होना चाहिये। इसके ज्यादा धान खराब होने पर नान एफएक्यू मानी जाएगी।
इनका कहना है
शासन ने मानक स्तर तय किया है, उसी के आधार पर धान क्रय हो रही है। खरीदी प्रभारी सर्वेयर के द्वारा जांच करने के बाद धान क्रय कर रहे है। शासन के निर्देशों का पालन किया जा रहा है।
ओपी पांडे, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी मंडला

खबरें और भी हैं...