comScore

राहुल बोले, 'बलात्कार की राजधानी' के रूप में जाना जाने लगा है भारत

राहुल बोले, 'बलात्कार की राजधानी' के रूप में जाना जाने लगा है भारत

हाईलाइट

  • महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
  • महिला के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ की रोज पढ़ी जाती हैं खबरें

डिजिटल डेस्क, वायनाड। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्नाव गैगरेप केस पर कहा है कि इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, ‘’उन्नाव की मासूम बेटी की दुखद और हृदय विदारक मौत, मानवता को शर्मसार करने वाली घटना से आक्रोशित और स्तब्ध हूं। एक और बेटी ने न्याय और सुरक्षा के आस में दम तोड़ दिया। दुःख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के प्रति मै आपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’

बता दें कि राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के चार दिवसीय दौरे पर हैं। आज उनके दौरे का अंतिम दिन है। उन्होंने रेप मामले में सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत बलात्कार की वैश्विक राजधानी बन गया है। विदेशियों से पूछा जा रहा है कि भारत देश में लड़कियों और बहनों को सुरक्षा क्यों नहीं दी जा सकती। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधायक उन्नाव में बलात्कार में शामिल हैं।

वायनाड के सुल्तान बत्तेरि में राहुल गांधी ने शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने पीएम मोदी को अव्यवस्थित शासन और हिंसा पर विश्वास करने वाला व्यक्ति बताया है।

राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आपने सारे देश में हिंसा, अराजकता और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार में बढ़ोतरी देखी होगी। उन्होंने बताया कि हम रोज किसी न किसी महिला के साथ बलात्कार, छेड़छाड़ या उनके शोषण के बारे में पढ़ते हैं। इन सभी के लिए राहुल गांधी ने पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहराया है।

अल्पसंख्यकों और दलितों का शोषण

इस दौरान राहुल गांधी ने अल्पसंख्यकों और दलितों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा भड़काने के साथ-साथ उनके खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है। दलितों के खिलाफ हिंसा करने के साथ उन्हें पीटा जाता है और उनके हाथ काट दिए जाते हैं। आदिवासियों के बारे में भी राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों पर अत्याचार कर उनकी जमीनें छीनी जाती है।

राहुल गांधी ने कहा कि इस हिंसा में नाटकीय बढ़ोतरी के पीछे एक कारण है। उन्होंने बताया कि हमारे इंस्टीट्यूशनल स्ट्रक्चर्स के ब्रेकडाउन होने और लोगों द्वारा कानून को हाथ में लेने के पीछे एक कारण है। वह कारण यह है कि हमारे देश को चलाने वाला (पीएम मोदी) हिंसा और अव्यवस्थित शासन पर भरोसा करता है।

कमेंट करें
YIOVo