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रायपुर : मंडी समितियों के माध्यम से उपजों के क्रय-विक्रय पर कमिश्नर ने फोकस करने को कहा

November 13th, 2020 18:08 IST
रायपुर : मंडी समितियों के माध्यम से उपजों के क्रय-विक्रय पर कमिश्नर ने फोकस करने को कहा

डिजिटल डेस्क, रायपुर। बंद एवं निष्क्रिय मंडी समितियों के बेहतर संचालन करने कलेक्टरों को लिखा पत्र कमिश्नर रायपुर श्री जी. आर चुरेन्द्र ने कृषि उपज मंडी समितियों के माध्यम से कृषि उपजों के क्रय-विक्रय के बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि सभी मंडियांे विशेष रूप से बंद व निष्क्रिय हो चुकी कृषि उपज मण्डियों को फिर से सक्रिय कर खुली बोली पद्धति से धान का विक्रय अभियान शीघ्र शुरू कराएं। ऐसी व्यव्स्था कराए जाने पर 30 नवम्बर तक ग्राम एवं शहर के किराना दुकान, क्षेत्र के व्यापारी, मण्डी के छोटे लायसेंसी एवं खुदरा व्यापारी, जो वर्तमान में गॉवों व हाट-बाजारों में किसानों से धान क्रय कर रहें हैं, वे सभी कृषि उपज मण्डी में विक्रय हेतु पहंुचेंगे और खुली बोली के प्रतिस्पर्धा में किसानों, छोटे व्यापारियों, परम्परागत तरीके से गॉव या आस-पास के किराना दुकानदारों, कोचियॉ, मण्डी के लायसेंसी आदि को लाभ मिलेगा। कमिश्नर ने कहा कि कई बार कोचिये, खुदरा व्यापारी, किराना दुकानदार, मण्डी के लायसेंसी द्वारा गाँवों और हाट बाजारों में किसानों से धान खरीद कर उसे उपार्जन केन्द्रांे के माध्यम से बेचने का प्रयास करते हंै। इससे शासन की बड़ी राशि जो किसानों के हाथों में जानी चाहिए, उसे कोचियॉ, व्यापारी, दुकानदार, मण्डी के लायसेंसी द्वारा हड़पने की आश्ंाका रहती हैं। कमिश्नर ने कहा है कि जब तक उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी प्रारंभ न हो जाये तब तक जिला प्रशासन को पूरा फोकस मण्डियों में धान के बिक्री पर होना चाहिए। एक दिसम्बर से धान खरीदी प्रारंभ होने से जनवरी 2021 तक भी मण्डियों में धान खरीदी पर निरंतर व्यवस्था व नियंत्रण बनाकर रखा जावे। इसी तरह धान उपार्जन केन्द्रों में खरीदी 1 फरवरी से बंद होने के बाद भी कृषि उपज मण्डियों को धान्य उपज के साथ दलहन, तिलहन आदि की खरीदी की व्यवस्था निरंतर संचालित रखी जाए। कमिश्नर ने कहा कि इस व्यवस्था से कृषि उपज मण्डी की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और किसानों व क्षेत्र के हित में कार्य किया जा सकेगा। जिले अन्तर्गत बड़े व उन्नतशील किसान जो प्रति एकड़ 15 एकड़ से अधिक पैदावारी धान का लेते है, वे भी सीमा से अधिक उपज की धान को कृषि उपज मंडियों में लाकर बेचे सकेगें। कमिश्नर ने इसके लिए कलेक्टरों को कार्ययोजना बना कर कृषि उपज मण्डियों का सक्रिय संचालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।