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रायपुर : मुख्यमंत्री के दीपावली संदेश को लेकर गृहमंत्री पहुंचे शहीद अमित नायक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात कर दी दीपावली की शुभकामनाएं

November 13th, 2020 15:15 IST
रायपुर : मुख्यमंत्री के दीपावली संदेश को लेकर गृहमंत्री पहुंचे शहीद अमित नायक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात कर दी दीपावली की शुभकामनाएं

डिजिटल डेस्क, रायुपर।, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दीपावली के पावन पर्व पर शहीद जवानों के परिजनों को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज स्वयं दुर्ग जिले के शहीद श्री अमित नायक के घर पहुंचे और उनके परिजनों से भेंट कर मुख्यमंत्री का संदेश देते हुए उन्हें दीपावली पर्व की शुभकामनााएं दी। इस अवसर पर दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री विवेकानंद सिन्हा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रोहित झा भी उपस्थित थे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दीपावली के पावन पर्व पर शहीद जवानों के परिजनों को शुभकानाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री के शुभकामना संदेश को पुलिस महानिदेशक और संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के भी माध्यम से शहीदों के परिजनों को भेंट किया जा रहा है। श्री बघेल ने शहीदों की शहादत को नमन करते हुए कहा है कि राज्य बनने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ पुलिस के 517 वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर राज्य और देश के लिए बलिदान दिया है। हमारे जवानों के शौर्य और पराक्रम को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। शासन द्वारा शहीदों के परिजनों के कल्याण हेतु तत्परता से कार्यवाही की जा रही है। विगत दो वर्षों में 47 शहीदों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। इसके साथ ही शहीदों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है, विगत दो वर्षो में शहीदों के परिजनों को लगभग 21 करोड़ रूपए की सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों के परिजनों को आर्थिक कठिनाई न उठाना पड़े इसके लिए हम सदैव चिंतित हैं। इसी तारतम्य में शहीद जवानों के परिजनों को दी जाने वाली एक्सग्रेशिया राशि (अनुग्रह अनुदान) 03 लाख रूपये से बढ़ाकर 20 लाख रूपए भी कर दी गयी है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि शहीदों के परिजन स्वयं को अकेला ना समझें, आप हमारे परिवार का हिस्सा हैं और आपके हर सुख-दुख में हम हमेशा आपके साथ हैं। दीपावली अंधकार को मिटाकर रोशनी फैलाने का पर्व है। इस पर्व पर मेरी शुभकानाएं हैं कि आपके परिवार में हमेशा खुशियों की रोशनी बनी रहे।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।