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रायपुर : कोविड-19 से बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने पंचायत विभाग के अधिकारियों के लिए राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

November 13th, 2020 17:14 IST
रायपुर : कोविड-19 से बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने पंचायत विभाग के अधिकारियों के लिए राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

डिजिटल डेस्क, रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताए कोरोना संक्रमण से बचने के उपाय ,ग्रामीणों को कोविड-19 से बचाव के लिए जागरूक करने पंचायत विभाग के अधिकारियों के लिए राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन आज निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदेश के सभी जिलों से जुड़े पंचायत विभाग के अधिकारियों को कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों की जानकारी दी। पंचायत विभाग के जिला समन्वयकों ने उन्मुखीकरण कार्यशाला में प्रशिक्षण के बाद विकासखंड स्तरीय समन्वयकों को ऑनलाइन कार्यशाला के माध्यम से कोविड-19 से बचाव के उपायों के बारे में प्रशिक्षित किया। विकासखंड स्तरीय समन्वयक अब गांवों में जाकर ग्राम पंचायतों में सरपंचों एवं पंचों को कोविड-19 से बचाव के उपायों की जानकारी देंगे। ग्राम पंचायतों द्वारा सभी ग्रामीणों को इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। इस तरह ग्रामीण अंचलों में प्रत्येक नागरिक को कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों से अवगत कराया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में जिला समन्वयकों को मास्क के उपयोग के महत्व, दो गज की दूरी तथा साबुन व पानी से बार-बार हाथ धोने के व्यवहारिक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी को बुखार, खांसी, सर्दी, सांस लेने में तकलीफ, सूंघने की क्षमता में कमी, दस्त, उल्टी या कमजोरी जैसे लक्षण हों, तो उसका 24 घंटे के भीतर कोविड जांच जरूर कराना चाहिए। डॉ. शुक्ला ने कहा कि संक्रमण की जल्द पहचान से ही जल्द उपचार संभव है। इलाज शीघ्र शुरू होने से मृत्यु का जोखिम कम किया जा सकता है। इस ऑनलाइन कार्यशाला में राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के निदेशक डॉ. अमर सिंह ठाकुर और विश्व स्वास्थ्य संगठन में राज्य प्रतिनिधि डॉ. प्रणित फटाले सहित राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, पंचायत एवं स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद थे।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।