comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

रायपुर : प्रदेश के तीन बहादुर बच्चे राज्य वीरता पुरस्कार के लिए चयनित

January 12th, 2021 16:22 IST
रायपुर : प्रदेश के तीन बहादुर बच्चे राज्य वीरता पुरस्कार के लिए चयनित

डिजिटल डेस्क, रायपुर। गणतंत्र दिवस पर राज्यस्तरीय समारोह में राज्यपाल के हाथों होंगे पुरस्कृत रायपुर की कुमारी उन्नति शर्मा, कुरूद की कुमारी जानवी राजपूत और खुड़मुड़ा के चिरंजीव दुर्गेश सोनकर को उनके साहस और सूझ-बूझ के लिए किया जाएगा सम्मानित मंत्री श्रीमती भेंड़िया की अध्यक्षता में जूरी समिति द्वारा अनुमोदन महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया की अध्यक्षता और छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष श्री बृजमोहन अग्रवाल की उपस्थिति में 11 जनवरी को राज्य वीरता पुरस्कार 2020-21 के लिए जूरी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद की जूरी समिति द्वारा राज्य वीरता पुरस्कार 2020-21 के लिए प्रदेश के तीन बहादुर बच्चों का चयन किया गया है। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके चयनित बच्चों को आगामी 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में नगद पुरस्कार राशि 15 हजार रूपए, प्रशस्ति पत्र व मैडल प्रदान कर सम्मानित करेंगी। पुरस्कृत बालक-बालिकाओं को नियमानुसार छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। पुरस्कार के लिए चयनित बच्चों में रायपुर जिले की टिकरापारा निवासी 12 वर्षीय कुमारी उन्नति शर्मा, पिता श्री डॉ. हेमन्त शर्मा, धमतरी जिले की कुरूद निवासी 12 वर्षीय कुमारी जानवी राजपूत पिता श्री भारत भूषण राजपूत और दुर्ग जिले के खुड़मुड़ा गांव के रहने वाले चिरंजीव दुर्गेश सोनकर पिता स्वर्गीय श्री रोहित कुमार सोनकर शामिल हैं। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, एनसीसी स्टेट सेल से ब्रिगेडियर कर्नल राकेश बुधनी, अपर कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के महासचिव डॉ. अशोक त्रिपाठी और संयुक्त सचिव श्रीमती इंदिरा जैन उपस्थित थीं। राज्य वीरता पुरस्कार 2020-21 के लिए चयनित साहसी बच्चों का परिचय और इनकी बहादुरी की कहानी 1. कुमारी उन्नति शर्मा- रायपुर के आरडीए कॉलोनी टिकरापारा निवासी डॉ. हेमन्त कुमार शर्मा की पत्नी डॉ. मीना शर्मा अपनी 11 वर्षीय पुत्री कुमारी उन्नति शर्मा और अपने ढ़ाई साल के पुत्र श्रीहान को साथ लेकर अपने भाई श्री मनीष दुबे के वसुन्धरा विहार रायपुर स्थित घर गई थीं। 13 मार्च 2020 को कुमारी उन्नति के मामा-मामी नौकरी पर चले गए थे। उन्नति की मां डॉ. मीना शर्मा भी शिक्षिका होने के कारण स्कूल गई थीं। घर में उन्नति और उसका छोटा भाई श्रीहान ही थे। दोपहर में जब श्रीहान सो गया, उन्नति घर से बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी। खेलते हुए बच्चों ने अचानक देखा कि उन्नति के मामा के घर से धुंआ निकल रहा है। धुंआ बहुत अधिक बढ़ गया था। घर के अन्दर से उन्नति के छोटे भाई श्रीहान के रोने की आवाज आ रही थी। बालिका उन्नति ने समय न गंवाते हुए घर के अन्दर जाकर बिजली के मेन स्वीच को बंद किया और दौड़ कर उस कमरे में गई जहां श्रीहान रो रहा था। वह अपने छोटे भाई को गोद में उठाकर बाहर आ गई और लगभग 200 मीटर दूर निवासरत अपने मौसा श्री हितेन्द्र तिवारी को मोबाईल से सूचना देकर घर बुलाया। तब तक घर के किचन में आग फैल चुकी थी। पड़ोसी घर के अन्दर जाने में हिचक रहे थे। मौसा श्री हितेन्द्र तिवारी के आने पर उन्नति ने उनके साथ मिलकर घर की आग बुझाई। कुमारी उन्नति के सूझबूझ से एक बड़ी घटना टल गई। आग की लपटें बढ़ नहीं पाईं और घर के साथ ही कॉलोनी भी आग की लपटों से बच गई। किचन का समान पूरी तरह जल चुका था, लेकिन उन्नति ने अपने साहस से अपने छोटे भाई की जान बचा ली। विधायक पश्चिम रायपुर, डीडी नगर रायपुर के थाना प्रभारी, वार्ड पार्षद और शाला की प्राचार्य ने कुमारी उन्नति के साहस की प्रशंसा करते हुए वीरता पुरस्कार के लिए प्रस्ताव प्रेषित किया। रायपुर कलेक्टर के द्वारा कुमार उन्नति शर्मा के साहस, त्वरित निर्णय क्षमता और सूझबूझ को ध्यान में रखते हुए उसे वीरता पुरस्कार देने की अनुशंसा की गई। 2. कुमारी जानवी राजपूत- धमतरी जिले के कुरूद के कारगिल चौक निवासी श्री भारत भूषण राजपूत का 5 वर्षीय पुत्र चिरंजीव शिवांश राजपूत 15 अगस्त 2019 को सुबह 11.30 बजे अपने घर के छत पर खेल रहा था। छत की ऊंचाई 14.05 फीट है। खेलते हुए शिवांश छत से गुजरते बिजली तार के चपेट में आ गया। शिवांश को बचाने की कोशिश में उसकी मां और बहन भी बिजली के झटके से दूर गिर गईं। शिवांश बिजली के तार से चिपका तड़प रहा था। इसी समय शिवांश की 12 वर्षीय बड़ी बहन जानवी राजपूत ने त्वरित सूझ-बूझ से काम लेते हुए छत में रखे बांस को उठा लिया और तार पर जोर-जोर से मारने लगी। इससे शिवांश बिजली के तार से छूट गया लेकिन छत से नीचे गिरने लगा।

कमेंट करें
SQzRV
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।