comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

बंद स्कैनिंग मशीनो के भरोसे है नागपुर स्टेशन की सुरक्षा

बंद स्कैनिंग मशीनो के भरोसे है नागपुर स्टेशन की सुरक्षा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। रेलवे स्टेशन देश के महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। यह देश के मध्य है। यहां से रोजाना हजारों यात्री यात्रा करते हैं। दशहरा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का हुजुम बड़ी तादाद में उपराजधानी पहुंचता है। जिसके तहत शहर की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और जीआरपी का अतिरिक्त सुरक्षा बल स्टेशन पर तैनात किया जाता है, लेकिन यहां पर लगी स्कैनिंग मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा है। पूर्व द्वार की मशीन पर जांच aहीं की जाती और मुख्य द्वार की मशीन को दिन में दो घंटे बंद कर दिया जाता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है। अधिकारियों का कहना है कि मशीनें आउटडेटेड हो चुकी हैं, इसलिए  मशीनें बंद करनी पड़ती हैं।

नई मशीनों के लिए प्रस्ताव भेजा है

मशीन बंद होने के विषय में अधिकारियों को कहना है कि मशीनें अाउटडेटेड हैं, इन्हें लगातार चलाने से यह गर्म हो जाती हैं जिस कारण इन्हें बंद रखना पड़ता है।, लेकिन अभी तक कोई कोटेशन नहीं आया है। कोटेशन आने के बाद मशीनों की खरीदी की जाएगी और उन्हें पुरानी आउटडेटेड मशीनों से बदला जाएगा। एक ओर नागपुर स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाया जा रहा है, जिसका मॉडल भी तैयार हो चुका है। लेकिन फिलहाल स्टेशन पर साधारण सी स्कैनिंग मशीन भी आउडेटेड हैं, जिसे समय-समय पर बंद करना होता है। इस तरह की सुरक्षा से नागपुर स्टेशन को ए1 स्टेशन की श्रेणी में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।

नागपुर रेलवे स्टेशन पर कई बार हाई अलर्ट घोषित किया जा चुका है, इसके साथ ही सीएम फडणवीस, केंद्रीय मंत्री गडकरी, संघ मुख्यालय और भी अन्य महत्वपूर्ण स्थान है, जो हमेशा निशाने पर रहते हैं। इसके बावजूद स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्टेशन मुख्य द्वार पर लगी मशीन को दोपहर 12 से 2 बजे तक बंद कर दिया जाता है। मशीन बंद होने बाद कोई अन्य चेकिंग नहीं की जाती। इस निर्धारित समय में कोई भी व्यक्ति कुछ भी सामान स्टेशन पर ले जा सकता है और ट्रेन में यात्रा भी कर सकता है। इससे हजारों यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है।

अलग-अलग समय रखना होगा बंद

भवानी शंकरनाथ, मंडल सुरक्षा आयुक्त, मध्य रेल के मुताबिक मशीनें आउटडेटेड हैं। लगातार मशीन को चलाने से वह गर्म हो जाती हैं, जिसके कारण उसे कुछ देर बंद करना पड़ता है, लेकिन निर्धारित समय बंद रखना सही नहीं है। इसके लिए मैं अपने स्टॉफ से बात कर रोज अलग-अलग समय बंद रखने के लिए कहता है। हमने नई मशीन के लिए भी प्रस्ताव भेज दिया है।
 

कमेंट करें
8V2Ah
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।