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सतना - लॉकर ने भी उगले कई राज -पुलिस के हाथ लगे धर्म परिवर्तन, शादी और तलाक के सबूत 

September 18th, 2020 14:22 IST
सतना - लॉकर ने भी उगले कई राज -पुलिस के हाथ लगे धर्म परिवर्तन, शादी और तलाक के सबूत 

डिजिटल डेस्क सतना। नाबालिग छात्रा को शादी के झांसा देकर सवा 2 साल से उसका यौन शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार 40 साल के आरोपी अतीक मंसूरी उर्फ सिकंदर उर्फ समीर खान के बैंक लॉकर ने भी उसके गुनाहों के कई राज उगले हैं। लॉकर से पुलिस के हाथ लगे साक्ष्य बताते हैं कि बेहद शातिर किस्म के इस आरोपी ने वर्ष 2011 में शादी के लिए धर्म परिवर्तन कर अपना नाम समीर रख लिया था, लेकिन इसके बाद भी उसने अपनी चल-अचल संपत्तियां और अन्य दस्तावेज (पैनकार्ड,पासपोर्ट,वोटर आईडी,ड्राइविंग लाइसेंस ऋण पुस्तिकाएं) अतीक खान के नाम पर ही बनवा रखे थे। वर्ष 2017 में उसकी शादी टूट गई थी। इसके बाद उसने सवा 2 साल पहले एक नाबालिग छात्रा को शादी का झांसा देकर अपने चंगुल में फंसाया।और उसका यौन शोषण करने लगा। छात्रा ने जब अन्य लड़कियों के साथ भी उसके ऐसे ही नाजायज रिश्ते देखे तो वह विरोध करने लगी। विरोध पर जब अतीक के जुल्म की इंतहा हुई तो छात्रा अंतत: 11 सिंतबर की रात कोलगवां थाने पहुंच गई।  
आईजी के अनुसार आरोपी बादल के कब्जे से एक वॉकी टॉकी बरामद किया गया है। उसके पास पिस्टल भी थी, जो तालाब में गिर गई है। उसकी तलाश की जा रही है। वहीं उसके अन्य साथी के बारे में पूछताछ जारी है। बादल की गिरफ्तारी के बाद नक्सलियों की की 25 से 30 लोगों की टीम ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों ने करीब एक किलोमीटर तक पीछा कर पुलिस पर 70 से 80 राउंड फायरिंग की। बादल से पूछताछ जारी है। 
सीडियों में आखिर क्या 
पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने बताया कि  आरोपी अतीक खान के यहां रीवा रोड स्थित आईडीबीआई बैंक स्थित लॉकर (नंबर-जी-3/60) से  एसआईटी को दिल्ली के आर्य समाज से 19 नवंबर 2011 को जारी धर्म परिवर्तन शुद्धिकरण प्रमाण पत्र , हिंदू विवाह प्रमाण पत्र और वर्ष 2017 को कुंटुम्ब न्यायालय सतना से पारित विवाह विच्छेद आदेश की प्रति मिली है। लॉकर से 70 हजार की नकदी के अलावा  प्रचलन से बाहर हो चुके 40 पुराने नोट, 7 सीडी, एक फोटो निगेटिव का टुकड़ा, पन्ना जडि़त अंगूठी, साइबर कैफे का पंजीयन प्रमाणपत्र, तिघरा में भूमि के स्वामित्व संबंधी ऋण पुस्तिका और आरोपी के ही नाम की 2 जमीनों की रजिस्ट्रियां भी मिली हैं। 
 सूदखोरी के कुछ और सबूत भी मिले :-
आरोपी अतीक मंसूरी उर्फ समीर खान के इसी बैंक लॉकर से 8 कोरे स्टांप पेपर के साथ बड़ी संख्या में दूसरों के हस्ताक्षर से जारी कोरे चेक , पैसे के लेन-देन के 3 अनुबंध पत्र, अलग -अलग पतों के 2 वोटर आईडी कार्ड , एक आधारकार्ड, कार और स्कूटर के वाहन रजिस्ट्रेशन कार्ड, भारी मात्रा में दूसरे दूसरे लोगों की पहचान पत्र के फोटो कापियां और कुछ कोरे इंदुल तलब रुक्का भी जब्त किए गए हैं। इससे साफ है कि आरोपी ने कर्ज के एवज में कर्जदारों से बतौर गारंटी या तो कोरे स्टांप पर दस्तखत लिए थे या फिर उसने कोरे चेक पर दस्तखत कराकर लॉकर में छिपा रखे थे। सूदखोरी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हाल ही में 2 नए केस रजिस्टर्ड किए गए हैं। 

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