comScore

वरिष्ठ चिकित्सक पंकज कुमार ने एक वेंटीलेटर से पांच मरीजों को ऑक्सीजन देने की तकनीक इजाद की

वरिष्ठ चिकित्सक पंकज कुमार ने एक वेंटीलेटर से पांच मरीजों को ऑक्सीजन देने की तकनीक इजाद की

डिजिटल डेस्क सिंगरौली (जयंत) । कहते हैं कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए नेहरू शताब्दी चिकित्सालय के निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार ने एक वेंटीलेटर से न्यूनतम पांच और अधिकतम 8 मरीजों को वेंटीलेशन करने की तकनीक इजाद की है। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध एक विशेष कैटेगरी वेंटीलेटर को मॉडिफाइड किया और सफल प्रयोग करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी हाल में मरीज को वेंटीलेटर की कमी के कारण उसको उसकी हालत पर नहीं छोड़ सकते हैं। दरअसल कोविड-19 के दौर में पूरे देश भर में वेंटीलेटर्स की भारी कमी है। निर्माता कम्पनियों ने जवाब दे दिया है और सरकार ने ऐसी कम्पनियों से तैयार वेंटीलेटर्स और निर्माणाधीन वेंटीलेटर्स को बुक कर लिया है। जब तक यहां पर अतिरिक्त वेंटीलेटर्स पहुंचेंगे, तब तक अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों से काम चलाया जायेगा। फिलवक्त एनएससी के आईसीयू में तीन यूनिट वेंटीलेटर्स उपलब्ध हैं, जिसमें दो पुराने और एक नया है। नयी यूनिट में ही इस प्रकार की तकनीक इजाद की गई है जिससे एक साथ 5 मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन दी जा सकती है। डॉ. कुमार का कहना है कि इमरजेंसी में वे 5 ही नहीं बल्कि अधिकतम 8 मरीजों को प्राणवायु दे सकते हैं। जिससे उनकी जान बचाई जा सकती है। 
मुश्किल हो जाता है सांस लेना 
डॉ. कुमार ने कहाकि प्राथमिक तौर पर कोरोना मरीज को नाक, गले और फेफड़े में तकलीफ बढ़ जाती है जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। अन्य उपचार से पहले जरूरी है कि हम उसे ऑक्सीजन देकर जीवित रख सकें। जिसके लिए उन्होंने चिंता जाहिर की और एनसीएल के उच्च प्रबंधन को आवश्यकतायें बताईं। यह भी बताया कि एक वेंटीलेटर्स को नयी यूनिटें आने तक वे मॉडीफाइड कर एक से अधिक मरीजों के लिए तैयारी रख सकते हैं। फिर क्या था आनन-फानन कम्पनी के इंजीनियर्स ने उन्हें आवश्यक सामान  कराया और उनके  निर्देशन में एक यूनिट को मल्टी यूनिट में तब्दील कर दिया। देश भर में चिकित्सा उपकरणों की कमी के बीच यह प्रयोग अपने आपमें एक जीवंत उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
आपातकाल में साबित होगा मददगार
मानव जीवन की सुरक्षा के लिए तैयार किए गये इस मल्टी वेंटीलेटर यूनिट को इनहेलेशन और एक्सहेलेशन पार्ट को दो अलग अलग तांबे की नलियों से जोड़ा गया है। जिससे पांच स्थानों पर ऑक्सीजन के प्वाइंट्स बनाये गये हैं। जो कॉपर इनहेलेशन असेंबली से जुड़ा है, इन्हीं प्वांइटस से पांच अलग अलग मरीजों को ऑक्सीजन दिया जा सकता हैै। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए इन प्वाइंट्स में एंटी वायरल व एंटी बैक्टीरियल फिल्टर भी लगाए गये हैं। उपयोग में लाने से पहले इसका जीवंत प्रयोग किया गया जो आपात काल में काफी मददगार साबित होगा।
जल्द ही आयेंगे 10 वेंटीलेटर्स
अस्पताल में अभी तक तीन वेंटीलेटर्स उपलब्ध हैं। इस महामारी के मद्देनजर एनसीएल प्रबंधन लगभग 10 यूनिट वेंटीलेटर्स खरीदने के लिए प्रॉसेस शुरू कर चुका है। जिसमें दो जल्द ही आपूर्ति किये जाने की स्थिति में हंै। लेकिन जब तक अन्य इक्विपमेंट पहुंचे तब तक वेंटीलेटर्स की कमी को पूरा करने के लिए एनएससी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमार ने अपनी अध्ययन क्षमता को नया आयाम देकर मरीजों को बचाने का सफलतम प्रयास किया है।
 

कमेंट करें
839DF