दैनिक भास्कर हिंदी: किराए के फ्लैट में 3 माह से चल रहा था देह व्यापार, सेक्स रैकेट का पर्दाफाश

July 30th, 2019

डिजिटल डेस्क,सतना। कोलगवां थाना क्षेत्र की जीवन ज्योति कॉलोनी में तकरीबन 3 माह से किराए के एक फ्लैट में चल रहे देह व्यापार का खुलासा करते हुए पुलिस ने सेक्स रैकेट के सरगना भोला नामदेव  समेत 7 पुरुषों और 3 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम की धारा -4, 5, 6, 7 और आईपीसी की धारा- 370 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

ऐसे हुई धरपकड़ 

मुखबिर से सिविल लाइन पुलिस को इस आशय की खबर मिली कि जीवन ज्योति कालोनी स्थित एक फ्लैट में पिछले 3 माह से देह व्यापार चल रहा है। वैश्यावृत्ति के इस ठिकाने पर बाहर की लड़कियों और पुरुषों का भी आना जाना है। पुलिस ने बताया कि ये फ्लैट बच्चू कुशवाहा का है,जिसे मझगवां के भोला नामदेव ने किराए पर ले रखा था। आरोप है कि भोला नामदेव ही  सेक्स रैकेट का सरगना था। मुखबिर की खबर पर शाम ढलते ही पहले 2 आरक्षकों को सादे लिबास में बतौर ग्राहक मौके पर भेजा गया। रणनीति के तहत जैसे ही ग्रीन सिग्नल मिला, कुछ ही फासले पर मौजूद डीएसपी हिमाली सोनी , सिविल लाइन टीआई अर्चना द्विवेदी, सोहावल चौकी प्रभारी एसआई अंजना त्रिवेदी, सब इंस्पेक्टर निर्भया प्रभारी सुरभि शर्मा और सब इंस्पेक्टर डीडी खान समेत सिटी कोतवाली के आरक्षकों ने दबिश दे दी। पुलिस ने सबसे पहले गैंग लीडर भोला नामदेव को पकड़ा और फिर फ्लैट के 2 अलग-अलग कमरों में अनैतिक कृत्य में लिप्त 3 महिलाओं के अलावा 6 अन्य पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया गया। 

ये चढ़े हत्थे 

पुलिस ने मौके से गिरफ्तार भोला नामदेव की तलाशी के दौरान जहां एक मोबाइल,   25 पैकेट कंडोम और 4 हजार की नकदी बरामद की। वहीं आरेापी राहुल गुप्ता (बैंक कालोनी), नसीम अंसारी (नजीराबाद ), राघवेन्द्र द्विवेदी,  उमेश चौरसिया , आशीष चौबे और महेश तिवारी (सभी निवासी अमानगंज-पन्ना) को गिरफ्तार कर लिया। 

कोलगवां पुलिस को हवा नहीं 

कोलगवां थाना क्षेत्र की जीवन ज्योति कालोनी में तकरीबन 3 माह से किराए के एक फ्लैट में चल रहे देह व्यापार के खिलाफ पुलिस की छापामार कार्रवाई की खबर कोलगवां थाने को भी तब लगी जब इस आशय की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई से कोलगवां पुलिस को दूर रखा गया था, आपरेशन की कमान सिविल लाइन पुलिस को सौंपी गई थी। जबकि बैकअप में सिटी कोतवाली के आरक्षकों को लगाया गया था।

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