क्रूज ड्रग्स पार्टी मामला : शाहरुख के बेटे आर्यन खान को नहीं मिली जमानत, आर्थर रोड जेल भेजे गए तीनों आरोपी 

October 8th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। किला कोर्ट ने समुद्र के बीच क्रूज में ड्रग्स पार्टी करने के मामले में गिरफ्तार बॉलिवुड फिल्म शाहरुख खान के बेटे आर्यन व दो अन्य आरोपियों के जमानत देने से इंकार कर दिया है। जिन दो अन्य आरोपियों को जमानत देने से इंकार किया गया है, उनके नाम अरबाज मर्चेंट व मुनमुन धमेचा है। कोर्ट ने गुरुवार को इन आरोपों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। चूंकि गुरुवार शाम को काफी देरी हो गई थी। इसलिए आर्यन समेत आरोपियों को शुक्रवार को जांच के बाद आर्थर रोड जेल में भेज दिया गया है। 

शुक्रवार को एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट आरएम नेरलिकर के सामने आरोपियों के जमानत आवेदन पर सुनवाई हुई। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से पैरवी कर रहे एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने आर्यन की जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की ओर से दायर किए गए जमानत इस कोर्ट के सामने सुनवाई योग्य नहीं है। जमानत आवेदन पर एनडीपीएस की विशेष अदालत के सामने सुनवाई होनी चाहिए। मजिस्ट्रेट कोर्ट के पास इस मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है। इसलिए जमानत आवेदन मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने सुनवाई योग्य नहीं है। 

उन्होंने कहा कि अभी एनसीबी की जांच आरंभिक स्तर पर है। इसलिए आरोपियों को जमानत देना उचित नहीं है। वहीं आर्यन की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश माने शिंदे ने कहा कि मेरे मुवक्किल के पास कोर्ट मादक पदार्थ नहीं मिला है। उन पर सिर्फ ड्रग्स सेवन उन्हें वहां पर आमंत्रित किया गया था। उनका अन्य आरोपियों से संबंध नहीं है। उन पर सिर्फ मामूली अपराध की धराए लगाई गई है। जिसमें कम सजा का प्रावधान है। इसलिए मेरे मुवक्किल को जमानत दी जाए। मेरी मुवक्किल की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। उन्होंने अब तक जांच में एनसीबी के साथ सहयोग किया है। आगे भी वे एनसीबी के बुलावे पर जांच के लिए हाजिर होंगे। इसलिए मेरे मुवक्किल को जमानत प्रदान की जाए। मजिस्ट्रेट कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो सकती है।

मर्चेंट व धमेचा के वकीलों ने भी सुनवाई के दौरान कहा कि उनके मुवक्किल का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। लिहाजा उन्हें जमानत दी जाए। मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनने के मजिस्ट्रेट ने कहा कि जमानत आवेदन सुनवाई योग्य नहीं है। इसलिए आरोपियों को जमानत नहीं दी जा सकती है। गौरतलब है कि आर्यन, मर्चेंट व धमेचा को एनसीबी ने 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। गुरुवार को इनकी एनसीबी की हिरासत अवधि खत्म हो गई थी। इसलिए इन्हें अब न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अब इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 18 पहुंच गई है।

जमानत के जाना होगा विशेष अदालत  

मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद आर्यन व अन्य आरोपियों को जमानत के लिए एनडीपीएस की विशेष अदालत में आवेदन दायर करना पड़ेगा। आरोपी के वकील विशेष अदालत जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए जरुरी दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। विशेष अदालत में निचली अदालत की फैसले की प्रति के साथ जमानत आवेदन दायर किया जाएगा। 

खबरें और भी हैं...