दैनिक भास्कर हिंदी: जुआ-सट्टा, अवैध शराब कारोबार नहीं रुके तो SP होंगे जिम्मेदार: IG

June 15th, 2018

डिजिटल डेस्क टीकमगढ़ । अवैध शराब और जुआ अपराधों की जड़ है। इन पर यदि अंकुश लगा लिया तो बड़े अपराध नहीं होंगे। जुआ, सट्टा और अवैध शराब का कारोबार रोकने में यदि सफल नहीं हुए तो जिले के एसपी को जिम्मेदार माना जाएगा। रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक में IG ने यह निर्देश दिए। टीकमगढ़ में अधिक आपराधिक प्रकरण लंबित होने के कारण शत-प्रतिशत निराकरण के लिए निर्देशित किया। सागर IG सतीश कुमार सक्सेना ने गतदिवस रेंज मुख्यालय पर संभाग के पांचों जिलों में घटित अपराधों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में टीकमगढ़ एसपी कुमार प्रतीक शामिल रहे।

जिलेवार अपराधों की समीक्षा में पिछले साल के आंकड़ों से तुलना की गई। पिछले साल की अपेक्षा इस साल के 6 माह में अपराधों की संख्या में कमी बताई गई, लेकिन गंभीर और महिला अपराधों में 5 से 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। IG ने लंबित अपराधों की समीक्षा की। इसमें टीकमगढ़ जिले में लंबित अपराधों की संख्या अधिक सामने आई है। जिस पर IG ने एसपी को लंबित प्रकरणों का अक्टूबर में शत-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश दिए। छतरपुर और दमोह जिले में भी लंबित अपराधों की संख्या अधिक सामने आई। बैठक में सागर संभाग के पांचों जिलों में 2 करोड़ रुपए के काम मंजूर किए गए। इस राशि से पुलिस लाइन में बाउंड्रीवॉल, क्वार्टरों की मरम्मत, कार्यालयों का रिनोवेशन जैसे काम कराए जाएंगे।

3 साल से जमे अफसर-कर्मियों के होंगे तबादले
तीन साल या इससे अधिक समय से जिले में पदस्थ रहने वाले निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, हवलदार और आरक्षकों के जुलाई या अगस्त माह में ट्रांसफर किए जाएंगे। इस दायरे में आने वाले अधिकारी, कर्मचारियों की सूची चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। बैठक में IG ने चुनाव आयोग की गाइडलाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए अधिकारी-कर्मचारियों के ट्रांसफर किए जाएंगे।

गृह जिले में नहीं रहेंगे पुलिस जवान
तीन साल या इससे अधिक समय से जिले में और गृह जिले में पदस्थ रहने वाले निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, हवलदार और आरक्षकों की सूूची 30 जून तक तैयार करने के लिए कहा गया है। सूची के सत्यापन की जिम्मेदारी DIG सागर और छतरपुर को सौंपी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक पांचों जिलों से 50-50 कर्मचारी ट्रांसफर के दायरे में आ रहे हैं।