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मप्र स्टेट बार कौंसिल के 2 दिसंबर को होने वाले चुनाव पर सुको की रोक

मप्र स्टेट बार कौंसिल के 2 दिसंबर को होने वाले चुनाव पर सुको की रोक

डिजिटल डेस्क  जबलपुर।  मप्र स्टेट बार कौंसिल के आगामी 2 दिसंबर को होने वाले चुनाव पर सुप्रीम कोर्टने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दो हफ्ते में बार काउंसिल ऑफ  इंडिया को जवाब देने के निर्देश दिये है। इधर महाधिवक्ता शशांक शेखर ने राज्य अधिवक्ता परिषद के पदेन अध्यक्ष का पद ग्रहण कर लिया है।
बार काउंसिल ऑफ  इंडिया के एक आदेश के खिलाफ  मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल ने एक एसएलपी सुप्रीम कोर्ट मे दायर की गई जिसमें बीसीआई द्धारा 2 दिसम्बर को स्टेट बार काउंसिल के होने वाले चुनाव की मॉनिटरिंग कमेटी गठित किये जाने को चुनौती दी गई थी। अभी तक स्टेट बार काउंसिल ही चुनाव को संपन्न कराता रहा है, लेकिन इस मर्तबा बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पिछले दिनों अपनी मॉनिटरिंग में इस चुनाव को संपन्न कराने के आदेश दिए। जिसके खिलाफ एसबीसी की ओर से एक एसएलपी दायर की गई है। इस पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश से चुनाव पर रोक लगाते हुए बीसीआई को दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
वहीं एसबीसी के निर्वतमान अध्यक्ष शिवेन्द्र उपाध्याय ने भी एसबीसी को पत्र जारी कर निर्वाचन अधिकारियों से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बगैर किसी प्रकार के कार्य न किये जाये। इसमें जिसमें बैंक से लेकर अन्य पत्राचार संबंधी कार्यशामिल है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर ऐसा किया जाता है तो जवाबदारी संबंधित कर्मचारी की होगी।
निष्पक्षता से ही होंगे चुनाव-

मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद में पदेन अध्यक्ष के रूप में शुक्रवार शाम महाधिवक्ता शशांक शेखर ने पदभार ग्रहण कर लिया।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि चुनाव पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न कराए जाएंगे। पूरा मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायलय के आदेशानुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रक्रिया पर रोक-
सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसकी अधिकृत जानकारी भी हासिल हो चुकी है। हालांकि विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है।
प्रशांत दुबे, सचिव, मप्र राज्य अधिवक्ता परिषद।
 

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