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अनाथ को शिक्षिका ने दिया सहारा -दे रहीं शिक्षा का दान

अनाथ को शिक्षिका ने दिया सहारा -दे रहीं शिक्षा का दान

डिजिटल डेस्क मण्डला । स्वामी सीताराम वार्ड निवासी 11 वर्षीय अनाथ मासूम दर-दर की ठोकरें खाकर इधर-उधर भटक रहा था, अनाथ की ना खाने की व्यवस्था थी और ना सोने का इंतजाम, इस मासूम की दुर्दशा और गलत राह पर न जाए, इसको देखकर स्कूल की शिक्षिका ने मासूम को सहारा दिया । शिक्षिका के घर में बच्चे को पनाह मिल गई है। 
 बचपन में उठ गया माँ बाप का साया
जानकारी के मुताबिक स्वामी सीमाराम वार्ड में दीपक वनवासी पिता खेतू लाल वनवासी निवासी स्वामी सीताराम वार्ड ने माता-पिता को बचपन में ही खो दिया है, मां विनीता का साया पांच साल पहले ही उठ गया था , इसके तीन साल बाद पिता ने भी साथ छोड़कर चल बसे, बड़ा भाई सोन खुद दो वक्त की रोटी के मोहताज हो गया, जिसके बाद किसी का सहारा नही बचा, मासूम दीपक दर-दर की ठोकरें खाने मजबूर हो गया। दीपक की ना दो वक्त की रोटी का ठिकाना और ना सोने के लिए घर का इंतजाम था, करीब 2 साल रिश्तेदारों ने सहारा दिया लेकिन ज्यादा दिन तक किसी ने देखभाल नही की, जिसके कारण माूसम फिर सड़क पर आ गया। पेट भरने के लिए ही इधर-उधर से भटकने के लिए मजबूर हो गया। दीपक प्राथमिक शाला फूलवाड़ी में अध्ययन करता है, स्कूल भी जाता है, जिससे उसे मध्यान्ह भोजन ही मिल जाए। 
इनका कहना है
बच्चे के माता-पिता नही है, दर-दर भटक रहा था, गलत संगत में चला जाये, इसलिए उसे घर ले जाती हूं, परिवार की सदस्य की तरह व्यवहार किया जा रहा है, फिलहाल तो घर में रखकर पढ़ाई कराऊंगी, फिर हॉस्टल में दाखिला कर दूंगी। 
गीता पटेल, शिक्षिका, प्राथमिक शाला फूलवाड़ी 
शिक्षिका का प्रयास सराहनीय और उसे कार्यो को प्रोत्साहित करना चाहिये, शिक्षिका को शुभकामनाएं दूंगा। 
योगेश शर्मा, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र मंडला

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