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शिक्षक का जुनून - हाथ ठेला में शुरू किया चलित विद्यालय

September 21st, 2020 18:06 IST
शिक्षक का जुनून - हाथ ठेला में शुरू किया चलित विद्यालय

कोरोना काल में शिक्षण कार्य को बनाया रोचक, बच्चों में बढ़ रहा उत्साह
डिजिटल डेस्क कटनी/उमरियापान ।
कोरोना संक्रमण काल में स्कूलों में कक्षाएं नहीं लग रही हैं। शासन ने 21 सितम्बर से स्कूल खोलने की एसओपी जारी की है लेकिन नियमित कक्षाएं न लगाने के भी निर्देश हैं। अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने की बात पर सहमत नहीं हैं। ऐसे में बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए शिक्षक ने अनोखा नवाचार किया और चलित विद्यालय की शुरुआत कर दी। ढीमरखेड़ा ब्लॉक के ग्राम गौरा स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षक महेंद्र सिंह का चलित विद्यालय मोहल्ले-मोहल्ले जाकर बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहा है।
स्वयं के खर्चे से जुटाए संसाधन
जानकारी अनुसार शासकीय माध्यमिक शाला गौरा में कक्षा पहली से आठवीं तक छात्र-छात्राओं .की संख्या 119 है। कोविड-19 के कारण स्कूलों में कक्षाएं संचालित नहीं हो रहीं। वहीं गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अभिभावकों के पास स्मार्ट फोन की व्यवस्था भी नहीं है जिससे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में शिक्षक ने जज्बा दिखाया और अपने खर्चे से एलसीडी टीवी, लेपटॉप, साउंड सिस्टम, ब्लैक बोर्ड, हाथ ठेला के अलावा अन्य इलेक्ट्रानिक्स आईटम एकत्र करके चलित स्कूल तैयार कर दिया।
बच्चों को शिक्षित करने का दिखाया जज्बा
शिक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों का शैक्षणिक स्तर कमजोर न हो इसके लिए उन्होंने यह नवाचार शुरू किया है जो बच्चों को खूब भा रहा है। उन्होंने बताया कि वे मोहल्ला क्लॉस लगाते थे लेकिन बच्चों में रुचि नहीं थी न ही अभिभावक ही आगे आ रहे थे। आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है इस मूलमंत्र को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स संसाधन जुटाकर चलित विद्यालय के माध्यम से मोहल्ले-मोहल्ले जाकर बच्चों को राज्य, केन्द्र से भेजे गए पाठ्य वस्तु, वीडियो आदि के माध्यम से शिक्षित कर रहे हैं।
प्रेरणा गीत सुनते ही दौड़ पड़ते हैं बच्चे
खास बात यह है कि शिक्षक ने बच्चों के साथ मिलकर प्रेरणा गीत भी खुद तैयार किया है। जैसे ही मोहल्ले में प्रेरणा गीत के साथ चलित विद्यालय पहुंचता है बच्चे उपस्थित हो जाते हैं जिन्हें शिक्षक महेंद्र सिंह द्वारा रोचक तरीके से विषय वस्तु की जानकारी दी जाती है और अध्यापन कार्य कराया जाता है। शिक्षक का यह नवाचार लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है  और हर कोई इसकी सराहना कर रहा है।
चलित विद्यालय में सुरक्षा उपकरण भी
शिक्षक ने बताया कि बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि जाग्रत करने के लिए उन्होंने यह प्रयास किया है और शिक्षक धर्म निभा रहे हैं। चलित विद्यालय में जो बच्चे उपस्थित होते हैं उनके लिए सरफेश टेम्परेचर मीटर, ऑक्सीमीटर, सेनीटाइजर, मॉस्क की व्यवस्था भी सुरक्षा की दृष्टि से चलित विद्यालय में रहती है। मोहल्ले-मोहल्ले चलित विद्यालय भ्रमण करते हुए बच्चों को शिक्षण कार्य करा रहा है वहीं शिक्षक द्वारा मॉस्क भी वितरित किए जाते हैं। 20 दिन पूर्व शिक्षक द्वारा शुरू किया गया नवाचार गौरा गांव के छात्र-छात्राओं के लिए वरदान साबित हो रहा है और बच्चे खासी रुचि दिखा रहे हैं।
 

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