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जीएसटी लागू करने के तहत राजस्व में आई कमी को पूरा करने के लिए तेलंगाना ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए विकल्प-1 चुनने का फैसला किया

November 18th, 2020 15:57 IST
जीएसटी लागू करने के तहत राजस्व में आई कमी को पूरा करने के लिए तेलंगाना ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए विकल्प-1 चुनने का फैसला किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्‍त मंत्रालय जीएसटी लागू करने के तहत राजस्व में आई कमी को पूरा करने के लिए तेलंगाना ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए विकल्प-1 चुनने का फैसला किया इसके जरिए राज्य को विशेष उधारी खिड़की के तहत 2380 करोड़ रुपये पूंजी जुटाने का मौका मिलेगा। इसके अलावा तेलंगाना को 5,017 करोड़ रुपये, अतिरिक्त रूप से कर्ज के रूप में पूंजी जुटाने का भी मौका मिलेगा जीएसटी के तहत राजस्व में आई कमी को पूरा करने के लिए तेलंगाना सरकार ने वित्त मंत्रालय द्वारा दिए गए दो प्रस्तावों में से विकल्प-1 प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। तेलंगाना सरकार के साथ अब तक 22 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुडुचेरी) ने विकल्प-1 को चुना है। जिन राज्यों ने विकल्प-1 जीएसटी लागू होने के बाद, राजस्व में आई कमी को पूरा करने के लिए विशेष उधारी खिड़की को चुना है, वह शॉर्टफाल (कम हुई) रकम, केंद्र सरकार से मिलने लगी है। इसके लिए विशेष उधारी खिड़की अब शुरू कर दी गई है। इसके तहत राज्यों के लिए भारत सरकार, 18 हजार करोड़ रुपये, तीन किस्तों में उधार भी ले चुकी है। इस रकम को 23 अक्टूबर 2020 से लेकर 9 नवंबर 2020 के बीच 22 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को तीन किस्तों के तहत दिया जा चुका है। तेलंगाना सरकार अब इस विशेष खिड़की का इस्तेमाल कर रही है। ऐसी संभावना है कि अगली किस्त 23 नवंबर 2020 को जारी की जाएंगी। विकल्प-1 के तहत राज्यों को जहां उधारी के लिए विशेष खिड़की का मौका मिल रहा है, वहीं राज्यों को अपने सकल घरेलू उत्पाद का 0.50 फीसदी अतिरिक्त राशि के रूप में उधार लेने का अवसर मिलता है। राज्य इस सुविधा का लाभ बिना किसी शर्त के अंतिम किस्त के समय ले सकेंगे। इसके अलावा राज्य, केंद्र सरकार द्वारा 17 मई 2020 को शुरू किए गए आत्मनिर्भर अभियान के तहत 2 फीसदी अतिरिक्त रकम, उधारी के रूप में भी ले सकेंगे। यह राशि विशेष उधारी खिड़की के तहत लिए गए 1.1 लाख करोड़ रुपये से अतिरिक्त होगी। तेलंगाना सरकार द्वारा आज विकल्प-1 का चयन करने के बाद, भारत सरकार ने राज्य सरकार को अतिरिक्त राशि (राज्य की सकल घरेलू उत्पाद के 0.50 फीसदी के बराबर) 5,017 करोड़ रुपये को जारी करने की अनुमति दे दी है। विकल्प-1 को अभी तक आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडीसा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित तीन केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर और पुडुचेरी को चुना है। 22 राज्य और 3 केंद्रशासित प्रदेशों को विशेष खिड़की के तहत और अतिरिक्त राशि के तहत कितनी रकम अभी तक दी गई है, वह सूची में दी गई है। राज्यों के सकल घरेलू उत्पाद के बराबर 0.50 फीसदी रकम को विशेष उधारी खिड़की के तहत दी जाने वाली रकम को 17-11-2020 को पारित कर दिया गया है। (राशि करोड़ रुपये में है) क्रम.संख्या राज्य / केंद्रशासित प्रदेश राज्यों की सकल घरेलू उत्पाद के 0.50 फीसदी के बराबर जारी रकम राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को विशेष खिड़की के जरिए जारी रकम 1 आंध्र प्रदेश 5051 512.96 2 अरूणाचल प्रदेश* 143 0.00 3 असम 1869 220.87 4 बिहार 3231 866.51 5 गोआ 446 186.36 6 गुजरात 8704 2046.80 7 हरियाणा 4293 966.04 8 हिमाचल प्रदेश 877 381.13 9 कर्नाटक 9018 2754.08 10 मध्य प्रदेश 4746 1008.21 11 महाराष्ट्र 15394 2658.85 12 मणिपुर* 151 0.00 13 मेघालय 194 24.77 14 मिजोरम* 132 0.00 15 नागालैंड* 157 0.00 16 ओडीसा 2858 848.39 17 राजस्थान 5462 327.01 18 सिक्किम* 156 0.00 19 तमिलनाडु 9627 1385.52 20 तेलंगाना# 5017 0.00 21 त्रिपुरा 297 50.43 22 उत्तर प्रदेश 9703 1333.32 23 उत्तराखंड 1405 514.28 कुल 88931 16085.53 1 दिल्ली 0.00 1301.77 2 जम्मू एवं कश्मीर 0.00 504.26 3 पुडुचेरी 0.00 108.44 कुल: 0.00 1914.47 कुल रकम 88931 18000.00 * इन राज्यों को जीएसटी लागू करने के बाद राजस्व में कमी नहीं आई है # इन राज्य को अगली उधारी के बाद पूंजी दी जाएगी.

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।