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कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष पद से हटाने को दरबार ने दी चुनौती

कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष पद से हटाने को दरबार ने दी चुनौती

डिजिटल डेस्क जबलपुर। कमलनाथ सरकार द्वारा इन्दौर प्रीमियर कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष बनाए गए अंतर सिंह दरबार को हटाए जाने के मामले पर हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद सरकार व अन्य को नोटिस जारी करते हुए कहा कि अध्यक्ष पद पर होने वाली कोई भी नियुक्ति इस याचिका पर होने वाले फैसले से बाध्य होगी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हिमान्शु मिश्रा और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेन्द्र यादव ने पक्ष रखा। अब इस मामले की सुनवाई अशोक सिंह व अन्य की याचिकाओं के साथ करने के निर्देश भी अदालत ने दिए हैं।
माता पिता के सुपुर्द हुई नाबालिग
जस्टिस सुजय पॉल की एकलपीठ ने एक नाबालिग लड़की को उसके माता-पिता के सुपुर्द करने के निर्देश देकर उसके पिता की याचिका का निराकरण कर दिया। दमोह निवासी पीडि़त पिता की याचिका में कहा गया था कि उसकी नाबालिग बेटी बीते मार्च मार्च से लापता है और शिकायत देने के बाद भी उसको खोजने पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोर्ट के पिछले आदेश के परिप्रेक्ष्य में दमोह के तेजगढ़ थाने के एसआई विकास सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की पुत्री को पेश किया। लड़की की उम्र को मददेनजर रखते हुए अदालत ने उसे उसके माता-पिता को सौंपने के निर्देश देकर याचिका का निराकरण कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एसएम गुरु ने पक्ष रखा।

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