comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

जमीन अपने नाम कराकर घर से निकाल दिया बूढ़े माँ-बाप को , बेटे पर मामला दर्ज

November 13th, 2020 22:50 IST
जमीन अपने नाम कराकर घर से निकाल दिया बूढ़े माँ-बाप को , बेटे पर मामला दर्ज


डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। एक कलयुगी बेटे ने पहले माता-पिता से उनकी साढ़े पांच एकड़ जमीन अपने नाम कराई और फिर उन्हें घर से बाहर कर दिया। मामला अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम हिर्री जागीर का है। पिछले पांच साल से अकेले रह रहे बुजुर्ग माता-पिता से अब बेटा पैतृक घर भी छीनकर बेचना चाहता है। जब बुजुर्ग पिता ने ऐसा करने से मना किया तो बेटे ने उनसे मारपीट की। शिकायत के बाद पुलिस ने बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
हिर्री जागीर निवासी 70 वर्षीय हुकुमचंद जावरे ने पुलिस को बताया कि  बेटे 28 वर्षीय प्रदीप जावरे ने लगभग पांच साल पहले उनकी साढ़े पांच एकड़ जमीन अपने नाम करा लिया था। जमीन लेने के बाद उन्हें घर से बाहर कर दिया। पिछले पांच साल से वह पत्नी के साथ अकेले गुजर बसर कर रहे है।  अब प्रदीप गांव के एक पैतृक मकान को भी बेचना चाहता है। बीती 4 नवम्बर को पैतृक मकान की चाबी न देने पर प्रदीप ने उनके साथ मारपीट की। इस शिकायत पर पुलिस ने प्रदीप जावरे के खिलाफ 323, 506, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरणपोषण अधिनियम 2009 की धारा 4, 24 के तहत मामला दर्ज किया है। घटना के बाद से आरोपी प्रदीप फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।25 रुपये कैरेट बिक रहा टमाटर, किसान परेशान, बना रहे पशुओं का चारा 
डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। मक्का के दाम में भारी गिरावट आने के बाद सब्जियों के उचित दाम नहीं मिलने से किसान हताश हो गए हैं। गोभी-टमाटर सहित सब्जियों के दाम लगातार गिर रहे है। थोक मंडी में पिछले पन्द्रह दिनों से लगातार गिर रहे दाम के कारण किसान भी अपनी फसल लेकर मंडी नहीं पहुंच रहे। वे खेतों में ही रोटावेटर चलाना उचित समझ रहे है। कुछ किसानों ने अपने खेतों में पशु छोड़ दिए है, इनका कहना है कि लागत राशि तो दूर मंडी तक सब्जी ले जाने में अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है। इससे अच्छा है कि पशुओं का चारा बन जाए। वहीं कुछ किसानों ने तो सब्जी की खड़ी फसल में रोटावेटर चला दिया है।
लाखों की लागत, एक रुपए किलो भी नहीं मिल रहे दाम-
चंदनगांव निवासी किसान जितेन्द्र चौबितकर ने पांच एकड़ में पत्ता गोभी लगाई थी। जहां प्रति एकड़ 30 हजार रुपए लागत के साथ डेढ़ लाख रुपए खर्च किए। जब गोभी बेचने की बारी आई तो सब्जी मंडी में एक रुपए किलो से भी कम दाम मिल रहे थे। इसलिए उन्होंने पशुओं को छोडऩे के बाद अपने खेत में रोटावेटर चला दिया।
सब्जी व्यापारी बोले, पन्द्रह दिनों से ऐसे हाल-
थोक सब्जी मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजा पटेल का कहना है कि पिछले पन्द्रह दिनों से ऐसे हाल है। मांग की तुलना में आपूर्ति अधिक हो रही है जिसके कारण दाम सही नहीं मिल रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र सहित अन्य क्षेत्रों से भी सब्जियों की आवक बढऩे से दाम कम हुए है।
फुटकर व्यापार में कोई असर नहीं-
भले ही सब्जी मंडी में दाम लगातार गिर रहे है लेकिन फुटकर बाजार में इसका कोई असर नहीं पड़ा है। यहां पर दाम अब भी पुराने ही है।
सितंबर-अक्टूबर में 1100 रुपए में  बिका टमाटर अब 25 रूपए कैरेट
पांढुर्ना में टमाटर के भावों में एकाएक आई गिरावट ने किसानों के चेहरे की रौनक छीन ली है। पांढुर्ना क्षेत्र के राजना, मोरडोंगरी, सिवनी, बड़चिचोली आदि क्षेत्र से निकल रहे टमाटर को इन दिनों रूपया किलो के दाम भी बड़ी मुश्किल से मिल पा रहे है।  बीते सितंबर-अक्टूबर में जहां टमाटर 1100 रूपए प्रति कैरेट तक बिका था, आज की स्थिति में टमाटर को 25 रूपए प्रति कैरेट के भाव मिल पा रहे है। कुछ किसानों ने बताया कि गुरूवार को सौंसर बाजार में एक कैरेट टमाटर के 20 से 80 रूपए तक के भाव मिले है।

कमेंट करें
DO86C
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।