दैनिक भास्कर हिंदी: बाघिन की मौत : जांच समिति पर उठे सवाल, जानबूझकर मारने की आशंका

November 11th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। टी-1 बाघिन की मौत के मामले में सरकार द्वारा गठित की गई जांच समिति के माध्यम से पारदर्शी जांच असंभव है, क्योंकि इसमें महाराष्ट्र राज्य के ही लोग हैं, साथ ही वही एनजीओ है, जिसके माध्यम से बाघिन को पकड़ने के लिए कैमरे लगाए गए थे। ऐसे में जांच राष्ट्रीय स्तर पर होनी चाहीए। बाघिन ‘अवनी’ की मौत की पारदर्शीत जांच व उसे न्याय दिलाने के लिए 11 नवंबर को विशाल रैली निकाली जाएगी। यह जानकारी डॉ. जेरील बनाइत ने दी है। वह शनिवार को पत्रकार भवन में एक प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे।

जानबूझकर मारने की आशंका

डॉक्टर जेरील ने बताया कि हाल ही में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघिन को पीछे से गोली लगने की बात सामने आई है, लेकिन वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने दिए स्टेटमेंट के अनुसार बाघिन के अटैक के बाद उसे गोली मारी गई है। ऐसे में गोली सिर, कंधे पर लगनी थी, लेकिन गोली पीछे पीठ की ओर लगी है। वही डॉर्ट निर्धारित दूरी से मारने के बावजूद स्किन के भीतर भी नहीं गया है। यह सारी बातें कहीं न कहीं अवनी को जानबूझकर मारने की आशंका व्यक्त करती है। ऐसे में इसकी जांच होना जरूरी है। हालांकि राज्य सरकार ने इसकी जांच के लिए टीम गठित की है, जो विश्वसनीय नहीं है, ऐसे में राज्य के बाहर के एक्सपर्ट को टीम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकी पारदर्शिता बनी रहे।

भारत सहित 11 देशो में विरोध प्रदर्शन

अवनी बाघिन को इंसाफ दिलाने के लिए विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। 11 नवंबर को शहर के महाराजबाग परिसर से करीब एक हजार से ज्यादा वन्यजीव प्रेमियों के माध्यम से रैली निकाली जाएगी। जो संविधान चौक तक जाएगी। विरोध प्रदर्शन में 11 देश व इंडिया के 22 जगहों का समावेश रहेगा। देश में साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, कैलिफोर्निया, न्यूयार्क, कैनडा, न्यूजीलैंड, नेपाल आदि और इंडिया के कोलकाता, सूरत, उदयपुर, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बंगलुरु, गोवा, गुवाहटी, मणिपुर आदि का समावेश है।

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