दैनिक भास्कर हिंदी: सतना के विनायक और आशीष का यूपीएससी  परीक्षा में चयन 

August 5th, 2020

 डिजिटल डेस्क सतना। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2019 में यहां के विनायक चमडिय़ा और आशीष सिंह का चयन हुआ है। विनायक चमडिय़ा की 322 वीं और आशीष सिंह की 490 वीं रैंक लगी है। 24 वर्षीय दोनों प्रतिभागियों ने मेन्स की परीक्षा समाजशास्त्र विषय से दी थी। विनायक सिविल इंजीनियर हैं और आशीष  टैक्सटाइल टेक्नालॉजी में बीटेक हैं। 
 विनायक : पहले ही प्रयास में सफलता 
24 वर्षीय विनायक के पिता संदीप चमडिय़ा के पिता शुगर मर्चेन्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष हैं और मां डाली गृहणी हैं। दो भाइयों में सबसे बड़े  विनायक का यूपीएससी के लिए यह पहला प्रयास था। एनआईटी कुरुक्षेत्र से वर्ष 2018 में सिविल इंजीनियर वर्ष बनने के बाद उन्हें एलएंड टी से  साढ़े 6 लाख के पैकेज का जॉब आफर हुआ था,लेकिन उनकी मन सिविल सेवा में लगा हुआ था। उन्होंने बताया कि मेन्स की कोचिंग के लिए वह मई 2019 में दिल्ली चले गए। इसके बाद  दिन में कम से कम 8 से 10 घंटे सेल्फ स्टडी की। विनायक ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रतिभागियों के लिए कहा कि  सेल्फ स्टडी पर फोकस करें और स्वयं के नोटस तैयार करें। इंजीनियर होने के बाद भी समाजशास्त्र विषय के चुनाव के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह उनकी अभिरुचि का विषय था। 
 आशीष सिंह: अभी लेंगे एक और चांस :-----
 यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा-2019 में 490 वीं रैंक पर कामयाब रहे यहां के आशीष सिंह की यह दूसरी कोशिश थी। उन्होंने बताया कि अभी वह एक और चांस लेंगे। उन्होंने कहा कि वह आईएएस आफीसर बनना चाहते हैं। आशीष के पिता बीएन सिंह यहां रेलवे में कार्यालय अधीक्षक हैं और मां केशकली गृहिणी हैं। 
 सेंट्रल स्कूल नंबर-वन और अनुपमा हायर सेकंडरी से प्रारंभिक पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आईआईटी नईदिल्ली से वर्ष 2017 में  टैक्सटाइल टेक्नालॉजी से बीटेक किया था और फिर सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी में लग गए थे। 
आशीष ने ऑनलाइन के सेल्फ स्टडी की और इसके लिए उन्होंने  कैंपस सेलेक्शन को ठुकरा दिया था। तैयारी के लिए उन्होंने हर दिन कम से कम 6 घंटे दिए।  आशीष सिंह के मुताबिक कई बार टाइम अधिक लगता है। मन लगा कर स्टडी की जरुरत होती है। आंसर के लिए प्रतिभागी को अधिक से अधिक प्रैक्टिस की भी आवश्यकता होती है।

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