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जंगली हांथी ने ग्रामीण को कुचला ,मौत - तीन दिन से डाले हैं डेरा

जंगली हांथी ने ग्रामीण को कुचला ,मौत - तीन दिन से डाले हैं डेरा

डिजिटल डेस्क सिंगरौली (वैढऩ)। बार्डर पार छत्तीसगढ़ की ओर से जिले के सीमावर्ती गांवों में आये जंगली हाथियों के झुंड ने पिछले तीन दिन से काफी दहशत मचा रखी है। पिछली रात तो ग्राम एकपई में इन हाथियों का झुंड इस कदर बेलगाम हो गया कि उसने सामने मिले एक ग्रामीण को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। बताया जाता है कि देर रात जब स्थानीय ग्रामीणों का एक दल हाथियों के झुंड को गांव से हटाने में जुटा था, तभी एक हाथी ग्रामीणों के दल पर हावी हो गया। जिससे सभी ग्रामीण अपनी जान बचाकर भागने लगे, लेकिन उस दल का एक सदस्य करीब 50 वर्षीय रामकृपाल पाल भाग नहीं पाया। फिर क्या था रामकृपाल को सामने देखकर बेलगाम गजराज उसे अपनी सूंढ़ से उठाकर पटकने लगा और देखते ही देखते गजराज ने अपना भारी-भरकम पैर भी रामकृपाल पर रखकर उसे कुचल दिया। जिससे मौके ही उसकी मौत हो गई। मृतक समीप के ग्राम धोधा का निवासी बताया जाता है। सूचना यह भी मिल रही है कि दो अन्य ग्रामीण भी हाथियों के हमले में घायल हुए हैं किन्तु इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं इस घटनाक्रम के बाद आसपास के सभी ग्रामीण काफी ज्यादा दहशत मे हैं। दहशत की एक बड़ी वजह यह भी है कि दशहरे के एक दिन पहले से क्षेत्र में दहशत मचा रहे इन हाथियों के झुंड को काबू करने में फारेस्ट टीम के सभी प्रयास बेअसर साबित हो गये थे। इससे ग्रामीण खुद को असुरक्षित भी महसूस कर रहे हैं। 
चौपट कर दी कई गांवों की फसलें
बताया जाता है कि इन हाथियों का झुंड गत सोमवार को छग की तरफ से जिले में प्रवेश किया था। इस दौरान यह झुंड मुड़वनिया गांव वाले इलाके में पहले घुसा। फिर ग्राम बरहपान से होते हुये बुधवार तक ग्राम उर्ती तरफ पहुंच गया। इस रूट में आगे बढ़ते हुये यह झुंड ग्रामीणों की फसलों से लेकर अन्य कई चीजों को भी नष्ट करता गया। वहीं बसाहट वाले जिन इलाकों से गुजरा वहां लोगों की सुरक्षा भी दांव पर बनी रही। 
देर रात तक उर्ती के जंगल में डटे रहे
 हाथियों का झुुंड उर्ती के जंगली इलाके में जब पहुंचा तो वहीं रूक गया। देर रात तक हाथी वहीं जंगल में बैठे थे। जिससे उनके पीछे सक्रिय फारेस्ट की टीम भी देर रात तक झुंड को ताककर बैठी रही। बताया जाता है कि हाथियों के झुंड को क्षेत्र से बाहर करने और स्थानीय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाने करीब 40 सदस्सीय टीम तैनात की गई है। इसके बाद भी अभी तक न तो हाथियों के झुंड का हटाया जा सका है, न ही काबू किया जा सका है। इन हालात में फारेस्ट ड्रोन कैमरे को मिले 12 हाथी 
बताया जाता है कि हाथियों के झुंड में कुल कितने हाथी हैं इसे लेकर पहले दिन से संशय की स्थिति बनी हुई थी। इसलिये फारेस्ट के अधिकारियों द्वारा हाथियों को चिन्हित करने ड्रोन कैमरे का सहारा लिया गया। ड्रोन कैमरे की नजर में अभी तक झुंड के कुल 12 हाथी चिन्हित किये गये हैं और इसके अनुसार यह कयास लगाये जा रहे हैं कि यह एक फैमिली है। जिसमें नर-मादा हाथी के साथ उनके बच्चे भी शामिल हैं। वहीं फारेस्ट के अधिकारी यह भी बताते हैं कि झुंड में हाथियों की संख्या 12 से ज्यादा भी हो सकती है। 
इनका कहना है
हाथियों का जिस क्षेत्र में मूवमेंट है उधर के इलाके में हमने पिछले दो दिन से अलर्ट जारी कर रखा है। पुलिस के साथ स्थानीय ग्राम रक्षा समिति के लोग भी वहां सक्रिय हैं और लोगों को प्रभावित क्षेत्र तरफ नहीं जाने की सलाह दे रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था में सहायोग कर रहे हैं। 
- अभिजीत रंजन, एसपी सिंगरौली
हमारी कोशिश है कि हाथियों का झुंड जिस तरफ से आया है उस तरफ ही वापस कर दिया जाए। रात में इनका मूवमेंट ज्यादा रहता है, दिन में आराम करते हैं। इसलिये देखते हैं रात में क्या स्थिति बनेगी। अभी बाहर से कोई स्पेशल टीम नहीं बुलाई गई है।
- विजय सिंह, डीएफओ सिंगरौली
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।