Panna News: दक्षिण वनमण्डल की अनूठी पहल, पवई की विद्यासागर गौशाला बनी वल्चर फ्रेंडली गौशाला

दक्षिण वनमण्डल की अनूठी पहल, पवई की विद्यासागर गौशाला बनी वल्चर फ्रेंडली गौशाला
दक्षिण वनमण्डल पन्ना अंतर्गत गिद्ध संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वल्चर फ्रेंडली गौशाला प्रमाणन पहल शुरू की है। इस क्रम में पवई की श्री विद्यासागर गौशाला पहली स्व-प्रमाणित गौशाला बनी है जहां अब गिद्धों के लिए घातक दवाओं का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहेगा।

Panna News: दक्षिण वनमण्डल पन्ना अंतर्गत गिद्ध संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए वल्चर फ्रेंडली गौशाला प्रमाणन पहल शुरू की है। इस क्रम में पवई की श्री विद्यासागर गौशाला पहली स्व-प्रमाणित गौशाला बनी है जहां अब गिद्धों के लिए घातक दवाओं का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहेगा। वनमंडल द्वारा शुरू इस पहल का उद्देश्य गौशालाओं में सुरक्षित पशु चिकित्सा प्रक्रियाओं को अपनाना है ताकि गिद्धों को हानिकारक दवाओं के अवशेषों से खतरा न हो। श्री विद्यासागर गौरक्षा एवं संवर्धन समिति के अध्यक्ष नितिन कुमार जैन ने स्व-प्रमाणन पत्र पर हस्ताक्षर कर गिद्ध संरक्षण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता जताई।

पत्र में कहा गया है कि गौशाला में डिक्लोफेनाक, एसक्लोफेनाक केटोप्रोफेन और नाइमेसुलाइड जैसी प्रतिबंधित दवाओं का उपयोग नहीं होगा। जरूरत पडऩे पर केवल मेलॉक्सिकैम या टॉल्फेनमिक एसिड जैसी सुरक्षित दवाएं पंजीकृत पशु चिकित्सक की सलाह से ही दी जाएंगी। साथ ही मृत पशुओं के निपटान में भी ऐसी व्यवस्था होगी जिसमें गिद्धों को कोई हानिकारक अवशेष न मिले। गौशाला प्रबंधन ने गिद्ध जागरूकता कार्यक्रमों में भागीदारी ग्रामीणों व गौसेवकों को सुरक्षित दवाओं के प्रति प्रेरित करने तथा वन विभाग के प्रयासों में सहयोग की सतत प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। दक्षिण पन्ना वनमंडल के अधिकारीयों का कहना है कि इस पहल से अन्य गौशालाएं प्रेरित होंगी और क्षेत्र में गिद्धों का प्राकृतिक संरक्षण मजबूत होगा।


Created On :   15 Feb 2026 3:09 PM IST

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