Pune City News: ईवी की बैटरी को ज्यादा गर्म होने और आग लगने से बचाने के लिए हाइब्रिड नैनोफ्लूइड कूलिंग सिस्टम

ईवी की बैटरी को ज्यादा गर्म होने और आग लगने से बचाने के लिए हाइब्रिड नैनोफ्लूइड कूलिंग सिस्टम
  • एमआईटी-वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता विद्यार्थियों ने किया विकसित
  • बिना पंप के काम करता है
  • पारंपरिक बैटरी कूलिंग तरीकों की तुलना में कम ऊर्जा खर्च करता है

भास्कर न्यूज, पुणे। आजकल ई व्हीकल्स का दौर है। महंगे ईंधन की मार से बचने और प्रदूषण से बचने के लिए लोग अब ई व्हीकल्स का रुख कर रहे हैं। खासकर ई टूव्हीलर इस्तेमाल करनेवालों की संख्या बढ़ रही है। इससे लोगों की जेब पर पड़नेवाली मार कम हो रही है। केवल एक शिकायत है। बैटरी के जल्दी गर्म हो जाने और जलने की। इससे बचाव का तरीका पुणे के विाद्यार्थियों ने ढूंढ निकाला है। पुणे के शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की बैटरी के लिए नया पैसिव हाइब्रिड कूलिंग सिस्टम विकसित किया है। इसे भारत में सिस्टम फॉर थर्मल मैनेजमेंट ऑफ बैटरी ऑफ व्हीकल (पेटेंट नंबर 202121029238) के नाम से पेटेंट मिला है। जो इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों को ठंडा रखने की क्षमता को काफी बेहतर बनाता है। प्रदर्शन और सुरक्षा दोनों को बढ़ाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया यह सिस्टम, भारत के उच्च तापमान वाली जलवायु परिस्थितियों तथा ईवी में आग लगने की बढ़ती घटनाओं जैसी चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रदान करता है।

- बिना पंप के काम करता है, पारंपरिक बैटरी कूलिंग तरीकों की तुलना में कम ऊर्जा खर्च करता है

एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम में डॉ. वैभव देशमुख, एसोसिएट प्रोफेसर, मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट; डॉ. एस. राधाकृष्णन, प्रोफेसर एमेरिटस और डायरेक्टर रिसर्च, मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट; और डॉ. वैदेही देशमुख, असिस्टेंट प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट शामिल हैं। इन बच्चों ने ऐसा हाइब्रिड पैसिव कूलिंग सिस्टम (आर्किटेक्चर) तैयार किया है जिसमें उच्च क्षमता वाले हिट पाइप्स और विशेष रूप से बनाए गए नैनोफ्लूइड का उपयोग किया जाता है। यह सिस्टम बिना पंप के काम करता है और पारंपरिक ईवी बैटरी कूलिंग तरीकों की तुलना में कम ऊर्जा खर्च करते हुए बेहतर विकल्प प्रदान करता है। पेटेंट किए गए नवाचार की सबसे खास बात यह है कि इसमें पूरी तरह पैसिव (बिना किसी बाहरी ऊर्जा के) हाइब्रिड कूलिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जो बिना पंप, पंखे या किसी अतिरिक्त बिजली के केवल प्राकृतिक संवहन (नेचरल कन्वेक्शन) और फेज-चेंज प्रक्रिया से काम करती है। इसमें विशेष रूप से तैयार किए गए नैनोफ्लूइड में थर्मली कंडक्टिव (ऊष्मा संचालक) नैनोपार्टिकल्स और कम तापमान पर उबलने वाले तरल मिलाए गए हैं। इससे बैटरी के ज्यादा गर्म हिस्सों से गर्मी बहुत तेजी से बाहर निकलती है। जब इस सिस्टम को उच्च क्षमता वाले हीट पाइप्स के साथ उपयोग किया जाता है, तो यह बहुत गर्म मौसम में भी बैटरी का तापमान स्थिर रखता है।

-भारत के मौसम के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है

यह हवा के प्रवाह या तरल से ठंडा करने वाली ईवी तकनीकों की तुलना में अधिक भरोसेमंद, बिजली पर निर्भर न रहने वाला और स्वाभाविक रूप से ज्यादा सुरक्षित विकल्प है, जिससे यह भारत के मौसम के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। पारंपरिक कूलिंग सिस्टम के विपरीत, इस पेटेंट तकनीक में गर्मी को तेजी से बाहर निकालने के लिए बलपूर्वक प्रवाह (फोर्स्ड सर्क्युलेशन) की बजाय प्राकृतिक हवा के प्रवाह (नेचरल कन्वेक्शन) और फेज़-चेंज प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है। बैटरी का तापमान स्थिर रखने के कारण यह सिस्टम बैटरी की उम्र बढ़ाने, चार्जिंग की दक्षता सुधारने और उपयोगकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारत जैसे वातावरण में—जहां तापमान अधिक है और ईवी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। चुनौती सिर्फ प्रदर्शन की नहीं है, बल्कि सबसे पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। हमारा पैसिव हाइब्रिड कूलिंग सिस्टम बैटरी को सुरक्षित तापमान के भीतर रखता है, और इसके लिए वाहन की पॉवर का उपयोग नहीं करता, जिससे बैटरी की विश्वसनीयता और काम करने की क्षमता दोनों बढ़ती हैं।

- डॉ. वैभव देशमुख, एसोसिएट प्रोफेसर

Created On :   29 Nov 2025 3:54 PM IST

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