Pune City News: पांच साल में 43 हजार 680 कुत्तों की नसबंदी

पांच साल में 43 हजार 680 कुत्तों की नसबंदी
  • पिंपरी-चिंचवड मनपा का अभियान
  • शहर में एक लाख आवारा कुत्ते होने का अनुमान, नहीं हैं आश्रय गृह

भास्कर न्यूज, पिंपरी-चिंचवड। पिंपरी-चिंचवड मनपा क्षेत्र में आवारा और भटकते कुत्तों की बढती संख्या को नियंत्रित करने के लिए मनपा ने श्वान कुत्ता नसबंदी अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, पिछले पांच वर्षों में 43,680 आवारा कुत्तों की नसबंदी की गई है। चालू वर्ष में अक्टूबर तक 844 कुत्तों की नसबंदी सर्जरी की गई है। इसके साथ ही, मनपा रेबीज टीकाकरण पर भी जोर दे रही है। इस बीच, पशु चिकित्सा विभाग ने बताया है कि शहर में लगभग एक लाख आवारा कुत्ते हैं।

पिंपरी-चिंचवड शहर में आवारा कुत्तों की संख्या दिन-ब-दिन बढ रही है। ये कुत्ते समूहों में घूमते हैं और रात या सुबह के समय काम से आने-जाने वाले नागरिकों पर हमला करते हैं। इसलिए, कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए मनपा द्वारा श्वान निर्बीजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। मनपा के कर्मचारी आवारा कुत्तों को पकडकर लाते हैं। नेहरूनगर में मनपा का पशु चिकित्सा केंद्र है, जहां आवारा और पालतू कुत्तों के लिए आंतररुग्ण और बाह्यरुग्ण ऐसे दो विभाग हैं। बाह्यरुग्ण विभाग में प्रतिदिन कम से कम 50 कुत्तों का इलाज किया जाता है। आंतररुग्ण विभाग में रेबीज सहित अन्य संक्रामक रोगों से ग्रस्त कुत्तों को भर्ती किया जाता है। मनपा द्वारा यहां प्रतिदिन 20 कुत्तों की नसबंदी सर्जरी की जा रही है। नसबंदी के बाद, कुत्तों को पांच दिनों तक निगरानी में रखा जाता है और उसके बाद छोड दिया जाता है। एक कुत्ते की नसबंदी सर्जरी पर लगभग 1100 रुपये का खर्च आता है।

शहर में एक लाख आवारा कुत्ते, नहीं हैं आश्रय गृह

पिंपरी-चिंचवड शहर में अनुमानित रूप से एक लाख आवारा कुत्ते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले इन आवारा कुत्तों को रखने के लिए मनपा के पास आश्रय गृह नहीं हैं। वर्तमान में एक भी आश्रय गृह मौजूद नहीं है। इसके लिए बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा। मनपा के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण दगडे ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार उपाय योजनाएं की जाएंगी।

वित्तीय वर्षानुसार नसबंदी सर्जरी का विवरण

वित्तीय वर्ष नसबंदी सर्जरी की संख्या

2020-21 21,737

2021-22 12,698

2022-23 1,421

2023-24 3,598

2024-25 3,346

2025-26 844 (अक्टूबर तक)

कुत्तों की नसबंदी सर्जरी के लिए चार सर्जन और कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। कुत्तों को पकडने के लिए चार वाहन हैं और प्रतिदिन 20 कुत्तों की नसबंदी सर्जरी की जाती है। दो साल तक सामाजिक दायित्व निधि से खर्च किया जा रहा था। अगस्त महीने से मनपा यह खर्च उठा रही है। शहर के एक लाख आवारा कुत्तों को रखने के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन सुविधाओं को विकसित करना होगा।

- संदीप खोत, उपायुक्त पशु चिकित्सा विभाग

Created On :   29 Nov 2025 3:10 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story